Nasser Hussain On Kohli Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार प्लेयर और टेस्ट क्रिकेट के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से 12 मई सोमवार को संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इस फैसले को सुनते ही उनके फैंस और क्रिकेट जगत को झटका लगा है। कई दिनों से उनके संन्यास लेने की खबरे सामने आ रही थी। तभी कई दिग्गजो ने उनसे अपील भी की थी कि वो अभी संन्यास न लें, लेकिन उन्होंने संन्यास ले ही लिया, जब से उन्होंने संन्यास लिया है, तब से कई दिग्गजो की प्रतिक्रिया आ चुकी है, ऐसे में अब नासिर हुसैन का बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि कोहली को यह स्वीकार्य नहीं था कि वह महज सामान्य क्रिकेटर बनकर रह जाएं। हो सकता है कि इसी कारण से उन्होंने संन्यास लिया।
Read More: Hockey Asia Cup 2025: हॉकी एशिया कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर सस्पेंस बरकरार…
नासिर हुसैन ने कहा कि…
“मैं पिछले 14 साल से विराट कोहली का फैन हूं, उनके आंकड़े खुद सारी कहानी कहते हैं लेकिन वह इनसे कहीं ज्यादा थे। यह उनकी आभा, रुतबा और जज्बा था। हमें पता है कि भारतीय क्रिकेट फैंस को जानते हैं और उनके लिए खेल काफी अहम है। वे अपने कप्तान से चाहते हैं कि वह दिखाए कि उनके लिए टीम का क्या मतलब है और भारत में इस जज्बे को क्रिकेट में कोहली से ज्यादा किसी ने नहीं दिखाया. वह एक अविश्वसनीय खिलाड़ी थे। वह भारत को नंबर एक पर ले गए और वहां पर लगभग 42 महीने तक बने रहे। उन्होंने उनके (भारत) खेलने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया। जिसे भी यह जिम्मा मिलेगा उसे काफी कुछ करना होगा।”
‘कोहली कभी सामान्य क्रिकेटर बनना नहीं चाहते थे..’- नासिर हुसैन
एक समय विराट कोहली को दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में सबसे आगे रखा जाता था—जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन से भी ऊपर। लेकिन हाल के वर्षों में उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमज़ोर रहा, जिससे वह पीछे रह गए। पूर्व इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि कोहली को यह स्वीकार्य नहीं था कि वह एक सामान्य या औसत दर्जे के क्रिकेटर बनकर खेलते रहें।
हुसैन ने आगे कहा कि…
“विराट कोहली एक विजेता हैं। उनके लिए केवल जीत मायने रखती है और इसके लिए वह हर संभव प्रयास करते हैं। रनों का पीछा करते हुए वे इतने प्रभावशाली इसलिए हैं क्योंकि वह मैदान पर 100% देने के लिए उतरते हैं। अगर कभी उन्हें लगे कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहे, तो वह मैदान पर उतरना ही नहीं चाहेंगे। शायद यही सोच उनके संन्यास के फैसले के पीछे रही हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट को एक नई ऊंचाई दी है। आज भारत क्रिकेट में जो ताकत है, उस नींव को मजबूत करने में कोहली की बड़ी भूमिका रही है। “वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक मानसिकता हैं – जो कभी औसत नहीं बनना चाहता।”
तीनों फॉर्मेट में कर चुके हैं कप्तानी…
कोहली ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में कप्तानी की है। वे 2014 में महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार टेस्ट कप्तान बने थे और 2022 में दक्षिण अफ्रीका दौरे तक यह भूमिका निभाई। कोहली से 2021 में T20 और वनडे की कप्तानी हटा ली गई थी। उन्होंने 20 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ सबीना पार्क में टेस्ट डेब्यू किया था, जबकि अपना आखिरी टेस्ट इसी साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला।

पिछले टेस्ट सीरीज में विराट का प्रदर्शन कुछ खास नहीं…
पिछली दो टेस्ट सीरीज में उनका बल्ला शांत रहा, जिससे टीम इंडिया को करारी हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा, और कोहली 6 पारियों में सिर्फ 93 रन बना सके। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी कोहली संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने पांच मैचों में 190 रन बनाए जिसमें केवल एक शतक शामिल था। यह शतक पर्थ टेस्ट में आया, लेकिन इसके बाद कोहली लगातार आठ पारियों में सिर्फ 90 रन ही बना सके।

पहले ही टी20 क्रिकेट को कह चुके हैं अलविदा..
कोहली पहले ही टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाने के बाद यह फैसला लिया था। टी20 में पिछले कुछ वर्षों में उनका प्रदर्शन गिरता नजर आया था – उन्होंने अंतिम 37 टी20 मैचों में केवल 1990 रन बनाए थे।
विराट ने अपने इंस्टा पर टेस्ट मैच से रिटायरमेंट का किया था ऐलान..
किंग कोहली ने बीते दिन 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा कि- ‘टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू पहने हुए 14 साल हो चुके हैं। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे किस सफर पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर साथ रखूंगा।
सफेद कपड़ों में खेलना एक बहुत ही पर्सनल अनुभव है। शांत परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं।’
उन्होंने आगे लिखा कि-
‘जैसे ही मैं इस फार्मेट से दूर होता हूं, यह आसान नहीं है – लेकिन यह सही लगता है। मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है, और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज़्यादा दिया है।
मैं दिल से आभार के साथ जा रहा हूं – खेल के लिए, उन लोगों के लिए जिनके साथ मैंने मैदान साझा किया, और हर एक व्यक्ति के लिए जिसने मुझे इस दौरान देखा।
मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा।
#269, साइनिंग ऑफ।
🇮🇳❤️’

