NANA PATEKAR RELIEF: मी टू केस मामले में मुंबई कोर्ट से नाना पाटेकर को राहत मिली है। उनके ऊपर काफी समय से यौन उत्पीड़न का केस चल रहा था। लेकिन एक्टर के खिलाफ कोई भी सबूत न मिलने की वजह से कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
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दरअसल, 2008 में बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के खिलाफ मी टू का आरोप लगाया था। लेकिन केस 10 साल बाद 2018 में मी टू मूवमेंट के दौरान दर्ज किया था। लेकिन अब मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तनुश्री दत्ता की याचिका को यह कहते हुए खारिज किया कि अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा दायर शिकायत में यौन उत्पीड़न के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।
तनुश्री दत्ता का आरोप और विवाद..
तनुश्री दत्ता ने 2008 में ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक डांस सीक्वेंस के दौरान नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्देशक अब्दुल सामी सिद्दीकी और निर्माता राकेश सारंग पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने अक्तूबर 2018 में यह शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि नाना पाटेकर ने शूटिंग के दौरान उन्हें अनुचित तरीके से छुआ था, जबकि उन्होंने पहले ही अश्लील या परेशान करने वाले कार्यों से बचने का वादा किया था।

मामले की सुनवाई…
तनुश्री दत्ता ने अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट में नाना पाटेकर और अन्य के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी का मामला दर्ज कराया था। इसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट नीलेश बंसल के समक्ष हुई। नाना पाटेकर की ओर से वकील अनिकेत निकम ने मामले की पैरवी की।
देरी से दायर की थी याचिका – कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि एक्ट्रेस की तरफ से शिकायत सीमित समय अवधि के बाद दायर की गई थी और देरी का कोई कारण नहीं बताया गया है। इसलिए अब इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया जा सकता है। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर इतने लंबे अंतराल के बाद देरी को स्वीकार किया जाता है तो यह न्याय की सच्चाई और समानता के सिद्धांत के खिलाफ होगा।

पुलिस रिपोर्ट और कोर्ट का निर्णय
मामले की जांच के बाद पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके बाद, तनुश्री ने दिसंबर 2019 में एक विरोध याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने आरोपियों के खिलाफ और जांच की मांग की थी। हालांकि, अब कोर्ट ने पर्याप्त सबूतों की कमी को देखते हुए नाना पाटेकर को बड़ी राहत दी और तनुश्री दत्ता की शिकायत को खारिज कर दिया।
तनुश्री का इंस्टाग्राम पर नोट..
तनुश्री दत्ता ने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए लिखा कि – नाना पाटेकर की पीआर टीम हमारे पक्ष में आए अदालत के फैसले पर फेक न्यूज फैलाने की कोशिश कर रही है। मैं और मेरी कानूनी टीम ने केस जीत लिया है। और जो भी मीडिया हाउस पूरी तरह से झूठी कहानी को पब्लिश कर रहा है, उसे अदालत को जवाब देना होगा और वह उत्पीड़न मामले में पक्ष बन जाएगा।
अदालत ने 2008 में हॉर्न ओके प्लीज फिल्म के सेट पर हुई उत्पीड़न की घटना पर पुलिस द्वारा दायर बी-समरी रिपोर्ट को खारिज/रद्द कर दिया है/उसका संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। नाना पाटेकर ने बी समरी भरकर खुद पर केस बंद करने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसलिए केस अभी भी खुला है और पुलिस को नाना के खिलाफ केस में चार्जशीट दाखिल करनी होगी।

