Nalkheda Temple: आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी शक्तिपीठ पर गुप्त नवरात्रि के अवसर पर देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन और हवन-पूजन के लिए पहुँच रहे हैं। लेकिन बुधवार सुबह से जारी लगातार बारिश ने मंदिर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए खुले आसमान के नीचे पूजा करने को मजबूर नजर आए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Nalkheda Temple: न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई
बारिश के बीच श्रद्धालु छतरियों और प्लास्टिक की मदद से जैसे-तैसे हवन करते दिखे। कुछ श्रद्धालुओं को अपनी पूजा अधूरी छोड़नी पड़ी, तो कुछ पूरी तरह भीगने के बावजूद हवन को पूरा करने के लिए मजबूर रहे। हैरानी की बात यह है कि मंदिर प्रशासन की ओर से बारिश से बचाव के लिए न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही अस्थायी इंतजाम किए गए।
खासी परेशानी उठानी पड़ रही
मंदिर में मुख्य यज्ञशाला के अलावा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक अस्थायी यज्ञशाला का निर्माण तो जरूर किया गया, लेकिन वहां भी टेंट या शेड की कोई व्यवस्था नहीं थी। श्रद्धालुओं को खुले में हवन करने के चलते खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
Nalkheda Temple: हवन पर रोक लगाने का निर्णय लिया
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस अव्यवस्था के बावजूद मंदिर प्रशासन हर श्रद्धालु से प्रति हवन ₹350 का शुल्क वसूल रहा है। सुविधाओं के अभाव और बारिश की वजह से भीगने के बावजूद यह शुल्क वसूलना श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी और असंतोष का कारण बन रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी यज्ञशाला में हवन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
Nalkheda Temple: इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा
श्रद्धा और आस्था के इस पावन पर्व पर प्रशासन की लापरवाही ने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। अब देखना यह होगा कि वायरल हो चुके इस मामले पर मंदिर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर भविष्य में भी श्रद्धालुओं को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
रिपोर्ट – धीरज हाड़ा
