पार्किंग की कमी बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में पार्किंग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। नैनीताल, जो उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसके कारण शहर में वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे पार्किंग की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यातायात जाम और असुविधा की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री धामी ने मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को अस्थायी पार्किंग के रूप में उपयोग करने की मांग की थी।
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Nainital Parking Crisis Solution: मेट्रोपोल होटल बनेगी पार्किंग
केंद्र सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से पार्किंग के लिए आवंटित करने का फैसला किया। यह परिसर शत्रु संपत्ति के अंतर्गत आता है, जिसका प्रबंधन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन होता है। शत्रु संपत्ति वे संपत्तियां हैं, जो 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पाकिस्तान चले गए व्यक्तियों द्वारा छोड़ी गई थीं। मेट्रोपोल होटल परिसर भी ऐसी ही एक संपत्ति है, जिसका उपयोग अब तक सीमित था। इस परिसर के खुले स्थान को पार्किंग के रूप में उपयोग करने का निर्णय न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए मददगार होगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारू करेगा।
CM ने शाह का जताया आभार
मुख्यमंत्री धामी ने इस फैसले के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम नैनीताल के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। यह निर्णय शहर में पर्यटन को और बढ़ावा देने में भी मदद करेगा, क्योंकि बेहतर पार्किंग सुविधा से पर्यटकों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
व्यवस्थित पार्किंग स्थल बनाने की योजना
Nainital Parking Crisis Solution: उत्तराखंड सरकार अब इस परिसर को व्यवस्थित पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस स्थान का उपयोग प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से हो सके। यह कदम नैनीताल की यातायात व्यवस्था को सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
