
मुंबई में आतंकी धमकी
धमकी भरे मैसेज के मिलते ही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू कर दी। साथ ही, एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है। पुलिस इस मैसेज की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि यह धमकी वास्तविक है या फिर कोई अफवाह। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हालांकि इस तरह की धमकियां अक्सर मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्तियों या शराब के नशे में दी जाती हैं, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। मैसेज में उल्लिखित संगठन लश्कर-ए-जिहादी का नाम और 14 पाकिस्तानी आतंकियों के भारत में प्रवेश करने का दावा गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस सभी संभावित दृष्टिकोणों से इस मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है।

Mumbai Terror Threat: अनंत चतुर्दशी पर सुरक्षा
यह धमकी ऐसे समय में आई है जब मुंबई में गणेशोत्सव का 10वां और अंतिम दिन, अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर 2025), नजदीक है। इस दिन लाखों श्रद्धालु गणेश विसर्जन के लिए सड़कों पर उतरते हैं, जिसके चलते शहर में भारी भीड़ और उत्साह का माहौल होता है। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के लिए मुंबई पुलिस ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे। धमकी के बाद, पुलिस ने और अधिक सतर्कता बरतते हुए 21,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात करने की योजना बनाई है। इनमें 12 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 40 उपायुक्त, 61 सहायक आयुक्त और 18,000 अन्य पुलिस कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा, पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग रूट मैनेजमेंट और ट्रैफिक संबंधी अपडेट्स के लिए किया जा रहा है, ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सके।

कॉम्बिंग ऑपरेशन और जनता से अपील
मुंबई पुलिस ने शहर के प्रमुख स्थानों जैसे रेलवे स्टेशनों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इन ऑपरेशनों का उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की पहचान करना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना दें और अफवाहों पर ध्यान न दें। मुंबई पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की धमकियां पहले भी प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से कई झूठी साबित हुई हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में ठाणे के कलवा रेलवे स्टेशन पर बम की धमकी देने वाला एक 43 वर्षीय व्यक्ति, रुपेश मधुकर रानपिसे, शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद, पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है ताकि अनंत चतुर्दशी के उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाया जा सके।
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पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
Mumbai Terror Threat: मुंबई में इस तरह की धमकियां कोई नई बात नहीं हैं। हाल के महीनों में कई बार ऐसी धमकियां प्राप्त हुई हैं, जो बाद में झूठी साबित हुईं। उदाहरण के लिए, जुलाई 2025 में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बम विस्फोट की धमकी मिली थी, लेकिन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसी तरह, अगस्त 2025 में गिरगांव के इस्कॉन मंदिर को धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसकी जांच के बाद कोई खतरा नहीं पाया गया। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ऐसी धमकियां पुलिस और प्रशासन के संसाधनों पर दबाव डालती हैं और जनता में अनावश्यक दहशत पैदा करती हैं। फिर भी, मुंबई पुलिस हर धमकी को गंभीरता से ले रही है और किसी भी जोखिम को टालने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही।
मुंबई में हुए बड़े बम धमाके और आतंकी हमले
- 12 मार्च 1993: मुंबई में 12 समन्वित बम विस्फोट हुए, जिन्हें दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व वाले डी-कंपनी ने अंजाम दिया था। इन हमलों में 257 लोग मारे गए और 1,400 से अधिक घायल हुए। यह हमला 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के प्रतिशोध में किया गया था।
- 25 अगस्त 2003: दो कार बम विस्फोट, एक गेटवे ऑफ इंडिया और दूसरा जवेरी बाजार में, जिसमें 54 लोग मारे गए और 244 घायल हुए। इन हमलों के लिए लश्कर-ए-तैयबा और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) को जिम्मेदार ठहराया गया।
- 11 जुलाई 2006: मुंबई उपनगरीय रेल प्रणाली में सात बम विस्फोट हुए, जिनमें 209 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए। इस हमले के लिए भी लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार माना गया।
- 26-29 नवंबर 2008 (26/11): यह मुंबई का सबसे कुख्यात आतंकी हमला था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताजमहल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, नरीमन हाउस, और अन्य स्थानों पर हमला किया। इस हमले में 166 लोग मारे गए (6 अमेरिकियों सहित) और 300 से अधिक घायल हुए। एक आतंकी, अजमल कसाब, को जिंदा पकड़ा गया और 2012 में उसे फांसी दी गई।
- 13 जुलाई 2011: मुंबई में तीन समन्वित बम विस्फोट हुए—जवेरी बाजार, ओपेरा हाउस, और दादर में—जिनमें 26 लोग मारे गए और 130 घायल हुए। इस हमले के लिए इंडियन मुजाहिदीन को जिम्मेदार ठहराया गया।
