प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन किया
mumbai international cruise terminal PM Modi inauguration: मुंबई को एक नई पहचान मिलने जा रही है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भावनगर से वर्चुअल तौर पर मुंबई के सबसे बड़े क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह टर्मिनल ना केवल भारत, बल्कि समूचे एशिया के सबसे बड़े क्रूज टर्मिनल्स में शामिल होगा, जिससे देश का क्रूज पर्यटन एक नई ऊँचाई पर पहुंचेगा।

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इस अत्याधुनिक मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) को मुंबई पोर्ट के बैलार्ड पियर और इंदिरा डॉक में 556 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। टर्मिनल की छत समुद्र की लहरों की आकृति में डिज़ाइन की गई है, जो इसकी खूबसूरती और समृद्ध समुद्री इतिहास को दर्शाती है।
क्या है मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल की विशेषता?
मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल केवल एक बंदरगाह नहीं, बल्कि भारत को एक क्रूज पर्यटन हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस टर्मिनल का उद्घाटन भारतीय क्रूज टूरिज्म को एक नई दिशा देगा। इसकी खासियतें इसे दुनिया भर में आकर्षक बनाएंगी:
दुनिया का सबसे बड़ा क्रूज टर्मिनल:
यह देश का सबसे बड़ा क्रूज टर्मिनल है, जो एक साथ 5 क्रूज को पार्क करने की सुविधा प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख क्रूज पर्यटन गंतव्य बनाना है।
वैश्विक मानकों के अनुसार डिज़ाइन:
यह टर्मिनल ‘क्रूज भारत मिशन’ के तहत विकसित किया गया है और इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखा गया है। इससे भारतीय बंदरगाहों के नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
हर साल 10 लाख टूरिस्ट:
इस क्रूज टर्मिनल से हर साल लगभग 10 लाख विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद है। इससे न केवल भारत के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
समुद्र-बंदरगाह और अंतर्देशीय क्रूज:
इसके तीन प्रमुख स्तंभ होंगे –
- समुद्र-बंदरगाह क्रूज,
- नदी और अंतर्देशीय क्रूज,
- द्वीप-लाइटहाउस क्रूज।
यह भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए एक नया मार्ग खोलेगा।
क्रूज भारत मिशन के तहत सरकार की नई योजनाएं
केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा,
“मुंबई का समुद्री इतिहास बहुत ही समृद्ध है और यह टर्मिनल भारत को वैश्विक क्रूज पर्यटन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” सरकार ने इस टर्मिनल को ‘क्रूज भारत मिशन’ के तहत विकसित किया है, जो भारत को समुद्र के रास्ते से दुनिया से जोड़ने की कोशिश करेगा।
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इसके अलावा, पीएम मोदी ने 6 महत्वपूर्ण बंदरगाहों और जलमार्ग परियोजनाओं की भी नींव रखी:
- कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में नया कंटेनर टर्मिनल
- पारादीप पोर्ट (ओडिशा) में नया कार्गो बर्थ
- गुजरात के टुना टेकड़ा में मल्टी-कार्गो टर्मिनल
- कामराजार पोर्ट (एन्नोर, तमिलनाडु) और चेन्नई पोर्ट का उन्नयन
- कार निकोबार द्वीप और दीनदयाल पोर्ट (कांडला) में नई परियोजनाओं की शुरुआत
- पटना और वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्ग सुविधाओं का विकास
इन परियोजनाओं के जरिए भारत को समुद्र, नदी और अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिए दुनिया से और भी बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा, जिससे भारत के पर्यटन, व्यापार और वैश्विक समृद्धि में योगदान होगा।
भारत के पर्यटन को नया मुकाम: क्रूज पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री मोदी के इस उद्घाटन के साथ, भारत का पर्यटन क्षेत्र एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल न केवल पर्यटन उद्योग के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि इससे भारतीय समुद्री पर्यटन को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। मुंबई, गोवा, कोचीन जैसे प्रमुख बंदरगाहों से टूरिस्टों का आना-जाना बढ़ेगा और साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।

जम्मू और कश्मीर के बर्फीले पहाड़ों से लेकर केरल के समंदर तक, भारत के हर कोने में अद्भुत पर्यटन स्थल हैं। अब इन सभी को एक दूसरे से जोड़ने के लिए यह क्रूज टर्मिनल एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। भारतीय पर्यटन उद्योग के इस ऐतिहासिक कदम से समृद्धि और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही भारत को दुनिया भर में अपनी खूबसूरत संस्कृति और अद्वितीय प्राकृतिक धरोहर को दिखाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा।
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