Mukteshwar Dam: बनासकांठा जिले की वडगांव तहसील के अंतर्गत स्थित मुक्तेश्वर डेम में भारी बारिश के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि देखी गई। डेम के ऊपरी वास क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया।

संभावित आपदा से बचा जा सके
Mukteshwar Dam: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार रात लगभग 8:00 बजे प्रशासन ने मुक्तेश्वर डेम से अनुमानित 200 क्यूसेक पानी को नियंत्रित रूप से सरस्वती नदी में छोड़ा। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया ताकि डेम पर दबाव कम किया जा सके और किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।
Mukteshwar Dam: बारिश जारी रही तो और छोड़ा जाएगा पानी
डेम प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति के अनुसार और भी पानी छोड़ा जा सकता है। अधिकारी लगातार मौसम और जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं, ताकि समय पर उचित निर्णय लिया जा सके।
Mukteshwar Dam: नदी किनारे के गांवों को पहले ही किया गया था सतर्क
सरकार और प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्रतिनिधियों को भी सतर्क कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
Mukteshwar Dam: प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और अफवाहों से बचें। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर विशेष ध्यान दें।
Mukteshwar Dam: इस स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं और लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुक्तेश्वर डेम से पानी छोड़े जाने की इस कार्यवाही को एक सतर्कतापूर्ण और समय पर लिया गया निर्णय माना जा रहा है, जिससे बड़ी आपदा को टालने में मदद मिली है।
Mukteshwar Dam: बनासकांठा जिले की वडगांव तहसील के अंतर्गत स्थित मुक्तेश्वर डेम में भारी बारिश के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि देखी गई। जिले के संवाददाता मोहन भाटिया के अनुसार, डेम के ऊपरी वास क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार रात लगभग 8:00 बजे प्रशासन ने मुक्तेश्वर डेम से अनुमानित 200 क्यूसेक पानी को नियंत्रित रूप से सरस्वती नदी में छोड़ा। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया ताकि डेम पर दबाव कम किया जा सके और किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।
Mukteshwar Dam: बारिश जारी रही तो और छोड़ा जाएगा पानी
डेम प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति के अनुसार और भी पानी छोड़ा जा सकता है। अधिकारी लगातार मौसम और जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं, ताकि समय पर उचित निर्णय लिया जा सके।
Mukteshwar Dam: नदी किनारे के गांवों को पहले ही किया गया था सतर्क
सरकार और प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए सरस्वती नदी के किनारे बसे गांवों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्रतिनिधियों को भी सतर्क कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
Mukteshwar Dam: प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और अफवाहों से बचें। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर विशेष ध्यान दें।
Mukteshwar Dam: इस स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं और लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुक्तेश्वर डेम से पानी छोड़े जाने की इस कार्यवाही को एक सतर्कतापूर्ण और समय पर लिया गया निर्णय माना जा रहा है, जिससे बड़ी आपदा को टालने में मदद मिली है।
संवाददाता मोहन भाटिया
