बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपनी आवाज से एनिमेटेड फिल्म ‘मुफासा: द लायन किंग’ में ‘मुफासा’ के किरदार को जीवंत किया है, और इस किरदार के संघर्ष को देखकर उन्होंने अपनी खुद की जर्नी को महसूस किया है। शाहरुख का कहना है कि मुफासा का सफर और उसकी मेहनत, संघर्ष, और जीत, उनकी अपनी जिंदगी से बहुत मिलती-जुलती है। फिल्म में मुफासा, एक अनाथ शेर के तौर पर दिखाया गया है,
जो अपनी मेहनत और हिम्मत से जंगल का राजा बन जाता है। शाहरुख ने बताया कि मुफासा का यह सफर उन्हें उनके अपने संघर्षों की याद दिलाता है, जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी।
शाहरुख खान, जिनकी आज की स्टारडम की कोई बराबरी नहीं कर सकता, ने हमेशा अपने संघर्ष, लगन और कभी हार न मानने वाली मानसिकता के साथ फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाई है। उन्होंने कभी शॉर्टकट्स पर विश्वास नहीं किया और अपनी मेहनत के बल पर सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचे। शाहरुख ने कहा कि मुफासा का जीवन उनके अपने जीवन से काफी मेल खाता है, और इसीलिए वह इस किरदार से इतना गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं।
इसके अलावा, शाहरुख के बेटे आर्यन और अबराम खान ने भी ‘मुफासा: द लायन किंग’ के हिंदी वर्जन में अपनी आवाज दी है, जिससे यह फिल्म और भी खास बन गई है। शाहरुख ने इस फिल्म में मुफासा के संघर्ष को अपनी आवाज से और भी प्रभावी तरीके से पेश किया है, जिससे यह किरदार उनके लिए और उनके फैंस के लिए बेहद खास हो गया है।
शाहरुख की यह कहानी यह साबित करती है कि किसी भी मुश्किल के बावजूद अगर किसी व्यक्ति में मेहनत, साहस और निष्ठा हो, तो वह अपनी मंजिल तक जरूर पहुँचता है, जैसे मुफासा ने अपनी कड़ी मेहनत से जंगल का राजा बनने का सपना साकार किया।
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