कानूनी अड़चन: पहले से रजिस्टर्ड है ‘कैप्टन कूल’
धोनी के इस आवेदन को शुरुआत में ट्रेड मार्क्स अधिनियम की धारा 11(1) के तहत आपत्ति का सामना करना पड़ा। इसकी वजह यह रही कि ‘कैप्टन कूल’ नाम पहले से ही किसी अन्य के नाम पर ट्रेडमार्क के रूप में दर्ज है। ऐसे में भ्रम की संभावना जताई गई है। हालांकि धोनी के वकीलों ने इस आपत्ति के खिलाफ दलील दी कि ‘कैप्टन कूल’ नाम पिछले कई सालों से धोनी की पहचान बन चुका है और मीडिया, फैंस और आमजन इस नाम को धोनी से ही जोड़ते हैं।कैसे मिला धोनी को 'कैप्टन कूल' का खिताब?
धोनी को ‘कैप्टन कूल’ का टैग उनके शांत स्वभाव और दबाव में लिए गए संतुलित फैसलों की वजह से मिला। चाहे मैदान पर कैसी भी चुनौती हो, धोनी का व्यवहार हमेशा शांत रहता था। यही वजह है कि प्रशंसकों और मीडिया ने उन्हें यह नाम दिया, जो अब एक ब्रांड बन चुका है।
धोनी के वो 5 फैसले, जिन्होंने उन्हें बनाया ‘कैप्टन कूल’
2007 T20 वर्ल्ड कप फाइनल..
पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में आखिरी ओवर के लिए अनुभवहीन जोगिंदर शर्मा को गेंद थमाई, जिन्होंने भारत को जीत दिला दी।2011 वर्ल्ड कप फाइनल में खुद को किया प्रमोट...
भारत की स्थिति खराब थी, लेकिन युवराज से पहले आकर धोनी ने नाबाद 91 रन बनाकर भारत को 28 साल बाद विश्व कप जिताया और टीम को चैंपियन बनाया।
2012 ऑस्ट्रेलिया दौरे की हार पर संयम...
4-0 से हार के बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांत बने रहे और टीम को नहीं कोसा। वो हर परिस्थिति में धैर्य से काम लेते हैं।2016 में बांग्लादेश के खिलाफ रनआउट से जीत...
ग्लव्स उतारकर खुद रनआउट करने दौड़े और भारत को 1 रन से रोमांचक जीत दिलाई।2018 में 'डैड्स आर्मी' को चैंपियन बनाया...
CSK की वापसी पर आलोचनाओं के बीच शांत दिमाग से टीम को संभाला और खिताब दिलाया।