MPESB Result: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आज मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के कार्यालय के बाहर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उग्र प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हाल ही में घोषित भर्ती परीक्षा के परिणामों में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और परसेंटाइल मार्क्स को लेकर उठे विवाद के चलते हुआ। अभ्यर्थियों ने आयोग पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और हंगामे ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
100 में से 101 न. आने पर हुआ विवाद
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना था कि MPESB द्वारा अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। एक अभ्यर्थी के 100 में से 101.66 अंक प्राप्त करने की खबर ने विवाद को और हवा दी। अभ्यर्थियों ने मांग की कि परसेंटाइल मार्क्स की आड़ में धोखा देना बंद किया जाए और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स को सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना था कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को समझाने में आयोग विफल रहा है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ा है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग जानबूझकर रिजल्ट में गड़बड़ी कर रहा है, जिससे मेहनती अभ्यर्थियों का हक छीना जा रहा है।
MPESB Result: घोषित पदों की संख्या पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में घोषित पदों की संख्या पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार ने विभिन्न विभागों में 1200 पदों को खाली होने की बात कही थी, लेकिन भर्ती के लिए केवल 660 पदों की घोषणा की गई। इनमें से मात्र 32 पद पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किए गए, जिसे अभ्यर्थियों ने “भीख जैसा” करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि इतनी कम संख्या में पद निकालना बेरोजगार युवाओं के साथ मजाक है। उन्होंने मांग की कि सरकार खाली पड़े सभी 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और लैंगिक आधार पर उचित अवसर प्रदान करे।
MPESB कार्यालय के बाहर धरना
इंदौर में हुए इस प्रदर्शन में करीब 1500 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। ठंड के बावजूद सड़कों पर उतरे युवाओं ने MPESB कार्यालय के बाहर धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) को भी हटाने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए अनुचित है। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि बार-बार भर्ती प्रक्रियाओं में कोर्ट के हस्तक्षेप और रिजल्ट पर रोक लगने से उनकी मेहनत बेकार हो रही है।
सोशल मीडिया पर छाया #MPPSC
राज्य सरकार और MPESB की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भी #MPPSC और #MPESB हैशटैग के साथ अभ्यर्थी अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
