उदय प्रताप सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस: एमपी के स्कूल शिक्षा और परिवहन विभाग के मंत्री उदय प्रताप सिंह ने पीसी की इस दौरान मोहन सरकार के दो साल की उपलब्धियों की जानकारी दीस्कूल शिक्षा और परिवहन विभाग द्वारा दो साल के किए गए कामों काब्यौरा दे रहे है
उदय प्रताप सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस: शासकिय स्कूलों में निशुल्क बच्चों को दी जा रही किताबे
मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा और परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत का संकेत दिया है। सरकार अब प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के लिए विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर पुस्तक मेले आयोजित करने की योजना बना रही है।
उदय प्रताप सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस: छात्रों को सस्ती किताबें देने पर सरकार का फोकस
इस कवायद का मुख्य उद्देश्य छात्रों को न्यूनतम दरों पर किताबें और स्कूल की अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है। निजी स्कूलों की महंगी किताबों और सामग्री के बोझ से दबे अभिभावकों के लिए सरकार का यह विचार एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। विभाग का प्रयास है कि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाया जाए और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस किया जाए।
परिवहन विभाग में बड़े बदलाव
शिक्षा के साथ-साथ परिवहन विभाग में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश में जल्द ही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत होने जा रही है। इस योजना को सबसे पहले इंदौर संभाग से लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि परिवहन विभाग में लगातार पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है और विभाग अपनी कार्यप्रणाली को पहले से बेहतर करने का प्रयास कर रहा है।
- इस वर्ष 94300 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए
- 7800 विद्यार्थियों को स्कूटी का वितरण
- 30000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर
- ऑनलाइन छात्रावास प्रबंधन के लिए सॉफ्टवेयर तैयार
- 275 संदापिनी , 799 पीएम श्री विद्यालय के रूप में किया जा रहा विकसित
- 24% मिडिल, 100% कस्तूरबा गांधी, 84 प्रतिशत हायर सेकेंडरी शाला स्मार्ट क्लास बनी
- पीएम श्री एवं सांदीपनि विद्यालय उन्नयन किया जाएगा प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित 275 सांदीपनि ,799 पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल NEP उदाहरणीय विद्यालय के रूप में विकसित करने की योजना
- सभी पीएम श्री विद्यालयों का गैप विश्लेषण पूर्ण तथा भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य प्रगति पर
- सांदीपनि विद्यालयों के अगले चरण हेतु उच्च नामांकन को ध्यान में रखते हुए एक किफायती लागत आकलन (cost-efficient esti-mate) तैयार
- CM के निर्देशानुसार सांदीपनि आश्रम विद्यालयों की स्थापना हेतु नवोदय विद्यालय आवासीय मॉडल का अध्ययन करने की योजना
- कुल 275 सांदीपनि विद्यालयों में से 79 भवन पूर्ण 126 भवनों का कार्य मार्च तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है
- डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा देने की तैयारी
- वर्तमान में लगभग 24% मिडिल शालाओं, 100% कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास, 84% हाई/हायर सेकेंडरी शालाओं में स्मार्ट क्लास स्वीकृत की हैं
- आगामी तीन सालों में हमारा लक्ष्य है कि हम प्रदेश के स्कूलो भवनो को जर्जर मुक्त कर दे
- जिस पर तेजगति से काम किया जा रहा है विभाग ने वित्त विभाग से अतिरिक्त बजट की मांग की है
- पहली क्लास में नामांकन पिछले साल की तुलना में6% एवं सरकारी स्कूलों में 32.4% अधिक रहे
- 9 से क्लास 12 के नामांकन पिछले साल की तुलना में 4 प्रतिशत बढ़े
- विगत 3 सालों में सभी क्लास में ड्रॉपआउट में कमी आई।2024–25 में ड्रॉपआउट की से8% से घटकर शून्य हो गई
- 30281 शिक्षकों की भर्ती प्रकिया में है
- 275 संदीपनी, 799 पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल NEP के तहत विकसित किया जा रहा
- डिजिटल शिक्षा पर फोकस ह
- 3367 स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए टास्क फोर्स की नियमित बैठक की जा रही
- आगामी 3 सालों की प्लानिंग के तहत स्कूलों में सीटों की संख्या बढ़ाने, स्कूलों का समय कम करने, ICT लैब की स्थापना करना समेत कई कामों को करना है
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं मालवी , बुंदेलखंडी , निमाड़ी आदि भाषाओं में किताबें बच्चों उपलब्ध कराई जाएंगी
