digital malakhana bhopal: पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाते हुए, राजधानी के टीटी नगर थाने में राज्य का पहला डिजिटल मालखाना शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था को पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने तवज्जो दी।
अब जप्त मामलों की संपत्ति वाहन, सामान, अन्य ठेहरी हुई चीज़ें पर पारंपरिक रजिस्टर नहीं, बल्कि क्यूआर‑कोड और ऑनलाइन ट्रैकिंग होगी। इस पहल के पीछे उद्देश्य है: मामलों से जुड़ी प्रॉपर्टी को सुरक्षित, ट्रैक योग्य और पारदर्शी तरीके से रखे जाना।
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digital malakhana bhopal: क्या है डिजिटल मालखाना?
हर केस की एक विशिष्ट आईडी बनेगी, जिसकी मदद से जप्त संपत्ति को क्यूआर‑कोड से टैग किया जाएगा।बार‑कोड या क्यूआर‑कोड उस सामान या वाहन पर चिपका होगा, ताकि उसे स्कैन करके जानकारी तुरंत मिले।अधिकारी कभी भी ऑनलाइन देख सकेंगे कि किस केस की कौन सी चीज़ कहां है।इस प्रणाली से यह पता चल सकेगा कि संपत्ति कब, किसके द्वारा जप्त हुई और बाद में कब, किसके माध्यम से सामान निकाला गया।
सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही
डिजिटल मालखाने से पारंपरिक मालखाने जैसी कई कमियों से छुटकारा मिलेगा
चोरी, गुम होना या मिस‑मैनेजमेंट की संभावना कम होगी।
जप्त संपत्ति की निगरानी CCTV और बायोमैट्रिक के माध्यम से की जाएगी।
यदि अदालत में सुनवाई हो, तो जांच अधिकारी से लेकर कोर्ट तक कोई भी संपत्ति की स्थिति देख सकेगा।
ऑडिट और निरीक्षण आसान होंगे यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ट्रैक‑योग्य बनेगी।
