MP Single Exam System: मध्य प्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक ही एग्जाम कराया जाएगा। जिसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की।जहा उन्होंने कहा- प्रदेश में रोजगार के लिए अलग-अलग परीक्षाएं होती हैं। और इनमें समय लगता है, जिससे रोजगार मिलने में देरी होती है।

हमने तय किया है कि यूपीएससी की तर्ज पर एक ही एग्जाम कराएंगे। सीएम राज्य कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित दिवाली मिलन समारोह में शामिल होने गए थे।
अधिकारी-कर्मचारियों का प्रमोशन होना चाहिए !
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी का प्रमोशन होना चाहिए। सीएम ने महंगाई भत्ते पर कहा- केंद्र के समान भत्ता देने का काम कर रहे हैं। पांच समान किस्तों से अक्टूबर तक एरियर्स देने का काम किया है। अधिकारियों के आवास की व्यवस्था तेजी से सरकार कर रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ देने का काम किया है।
बता दें की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 19504 नए पदों को भरने का काम भी सरकार कर रही है।
सरकार की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार को एक बार पुनः प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सुनवाई हुई। राज्य सरकार कर्मचारियों के आंकड़े और ऑडिट रिपोर्ट पेश की। हाईकोर्ट ने जवाब में असंतोष जताया। मामले पर अगली सुनवाई 12 नवंबर को तय की गई है।सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट में उपस्थित होकर सरकार का पक्ष रखा।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कहा– कुछ विभागों में पहले ही आरक्षित वर्ग के कर्मचारी ज्यादा है। प्रमोशन पॉलिसी और आंकड़ों पर सरकार स्पष्टीकरण दे। चीफ जस्टिस की बेंच ने सरकार को निर्देश दिए कि सभी विभागों का एकीकृत चार्ट तैयार कर पेश करें।
एमपी में 9 से होंगी ढाई लाख भर्तियांपरीक्षाओं
MP Single Exam System: मध्यप्रदेश में भी संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर अब एक जैसे सरकारी पदों पर भर्तियों के लिए केवल एक ही परीक्षा होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसके मुताबिक, कैंडिडेट्स जिस पद के लिए परीक्षा दे रहे हैं उसके लिए आवेदन के वक्त ही उन्हें चॉइस फिलिंग करनी पड़ेगीमध्यप्रदेश में भी संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर अब एक जैसे सरकारी पदों पर भर्तियों के लिए केवल एक ही परीक्षा होगी।
सरकार अगले ढाई साल में ढाई लाख पदों पर भर्ती करने वाली है। इस प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करना है। अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं आयोजित होंगी तो ढाई लाख पदों पर भर्ती में समय लगेगा।
