सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के जीर पंचायत में एक उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग पिछले 10 वर्षों से अधूरी पड़ी है। सरकारें और जनप्रतिनिधि बदल गए, लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति जस की तस बनी हुई है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी यह बिल्डिंग अब मवेशियों का अड्डा बन गई है और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण यह जर्जर होकर टूटने के कगार पर है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दों पर सुर्खियों में रहती है, लेकिन इस उप स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं है। 10 साल पहले बने इस केंद्र में अब तक डॉक्टर और नर्सों की पदस्थापना नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
गांववाले बताते हैं कि उनकी जान की सुरक्षा के लिए उन्हें झोला छाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ती है। इस स्थिति ने उनकी जीवनशैली को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यदि जल्द ही इस स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नहीं किया गया, तो स्थानीय लोगों को और भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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