MP Rainfall Weather: मध्यप्रदेश में मानसून पूरे जोर पर है। राज्य के अधिकांश जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 49 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। खासकर रीवा संभाग में अगले 24 घंटों के भीतर 8 इंच तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।राज्य के कई जिलों में जलभराव, पुल-पुलियों पर बहाव और दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मानसूनी बारिश ने पूरे मध्यप्रदेश को तरबतर कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हाेने से कई रास्ते बंद हो गए हैं। गुना के फतहगढ़ में शनिवार सुबह नदी पार कर रहा ट्रैक्टर बह गया। उसमें सवार 4 लोग भी बह गए। रतलाम में सुबह से बारिश जारी है, इससे शहर का हनमान ताल भर गया है।
शुक्रवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश
इससे पहले शुक्रवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में उफनती पुलिया पार कर रहा ट्रैक्टर बह गया। गनीमत रही कि ट्रैक्टर सवार चार लोगों को बचा लिया गया। धार जिले के मांडू की खुद नदी में एक युवक डूब गया। वहीं, ग्वालियर में सड़क ही धंस गई।ऐसा ही मौसम अगले 24 घंटे यानी शनिवार को भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी हिस्से के जिले-सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है।
MP Rainfall Weather: यलो अलर्ट वाले जिले
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, होशंगाबाद, बैतूल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, नीमच, मंदसौर सहित 49 जिले शामिल हैं
30 जिलों में बारिश
मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे में 30 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इनमें सबसे ज्यादा गुना में ढाई इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में 1.7 इंच, धार-उमरिया में 1-1 इंच बारिश हुई। वहीं, मऊगंज, निवाड़ी, सीहोर, नर्मदापुरम, पन्ना, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर, बालाघाट, मंडला, बैतूल, छिंदवाड़ा, सीधी, रायसेन, रीवा, दमोह, जबलपुर, सतना, छतरपुर, ग्वालियर, इंदौर में भी बारिश का दौर चला। भोपाल में हल्की बूंदा-बांदी हुई।
इन सिस्टम की वजह से ऐसा मौसम
प्रदेश के ऊपर से एक लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) गुजर रहा है। वहीं, पश्चिमी हिस्से से ट्रफ की एक्टिविटी है। ये दोनों ही सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से पूर्वी और उत्तरी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ भी सक्रिय है, जो पूरे प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश करा रहे हैं।
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