मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने अचानक हालात बिगाड़ दिए। इंदौर, उज्जैन, नीमच, झाबुआ, आगर मालवा और शाजापुर समेत कई जिलों में मंगलवार शाम पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे, जिससे कई जगह अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि कई पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। कुछ जगहों पर विवाद और झड़प की स्थिति भी बनी, जिसके बाद पुलिस को मौके पर तैनात करना पड़ा। धार, नीमच और बालाघाट जैसे जिलों में प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े और पुलिस निगरानी में ही ईंधन वितरण किया गया।
अफवाहों से बढ़ी पैनिक खरीदारी
दरअसल, इजराइल-ईरान तनाव के बीच पेट्रोल खत्म होने और कीमतें बढ़ने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इसके चलते लोगों ने एहतियात के तौर पर जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया। कई लोग ड्रम, केन और अन्य कंटेनर लेकर पंपों पर पहुंचे, जिससे अचानक मांग बढ़ गई और कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई।
सरकार और कंपनियों का स्पष्ट बयान
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत स्रोतों से जानकारी लें।पेट्रोलियम कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि देशभर में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।
कलेक्टरों की अपील, घबराएं नहीं
राज्य के विभिन्न जिलों के कलेक्टरों ने भी नागरिकों से पैनिक खरीदारी न करने की अपील की है। भोपाल, इंदौर, झाबुआ, आगर मालवा और बालाघाट के अधिकारियों ने कहा कि सभी जिलों में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई नियमित रूप से हो रही है।अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लोगों से शांति बनाए रखने तथा जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की गई है।
कई शहरों में अलग-अलग हालात
बालाघाट में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित किया। मंदसौर में पेट्रोल पंप पर विवाद की स्थिति बन गई, जिसे समय रहते संभाल लिया गया। शाजापुर में कई पंप बंद होने के कारण अन्य पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, जबकि इंदौर और महू में देर रात तक लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।प्रशासन का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह अफवाहों के कारण बनी है और जल्द ही सामान्य हो जाएगी।
