mp nigam mandal: मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में चल रही निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर अब जल्द फैसला होने के संकेत मिल रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार और संगठन की तरफ से तैयार की गई सूची अब दिल्ली पहुंच चुकी है।केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलते ही संभव है कि इसी सप्ताह पहली सूची जारी कर दी जाए। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
mp nigam mandal: करीब चार दर्जन पदों पर होंगी नियुक्तियां
सूत्रों के मुताबिक राज्य स्तर के निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में लगभग चार दर्जन पदों पर नियुक्तियां की तैयारी है।इसके अलावा स्थानीय स्तर के विभिन्न शासी निकायों में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जगह देने की योजना बनाई गई है। बताया जा रहा है कि करीब 300 से 400 कार्यकर्ताओं को अलग-अलग समितियों और निकायों में समायोजित किया जा सकता है.इन नामों को तय करने से पहले जिलाध्यक्षों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए। उसके बाद प्रदेश संगठन स्तर पर सूची पर दोबारा मंथन किया गया और फिर अंतिम प्रस्ताव दिल्ली भेजा गया।
mp nigam mandal: वरिष्ठ नेताओं के साथ जमीनी कार्यकर्ताओं को भी मौका
जानकारी के अनुसार राज्य स्तर के निगम-मंडलों में पार्टी के वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है.संभावना जताई जा रही है कि इनमें कुछ पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट से वंचित रहे नेता भी शामिल हो सकते हैं.हीं संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं को स्थानीय निकायों और संस्थाओं में जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
स्थानीय निकायों और समितियों में भी जिम्मेदारियां
संगठन की योजना है कि कार्यकर्ताओं को केवल राज्य स्तर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी अवसर दिए जाएं.इसके तहत नगरीय निकायों में वरिष्ठ पार्षद, महाविद्यालयों की जनभागीदारी समितियों और अन्य स्थानीय शासी संस्थाओं में भी नाम तय किए जा रहे हैं.इससे संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को सीधे प्रशासनिक और सामाजिक कामकाज से जोड़ने की कोशिश होगी।
15 मार्च तक मोर्चों की कार्यकारिणी भी घोषित होने के संकेत
इस बीच हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दिए हैं कि पार्टी के विभिन्न मोर्चों की प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी भी जल्द घोषित की जाएगी.बताया जा रहा है कि करीब 15 मार्च तक मोर्चा संगठनों की नई प्रदेश कार्यकारिणी सामने आ सकती है। इसके बाद जिला स्तर की इकाइयों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू होगी.
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा, फिलहाल टला
राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि मोहन यादव आने वाले समय में कैबिनेट में बदलाव कर सकते हैं. हालांकि फिलहाल यह प्रक्रिया टलती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों के पास दो या उससे अधिक बड़े विभाग हैं, उनमें से कुछ विभाग दूसरे मंत्रियों को सौंपे जा सकते हैं.इसके अलावा मुख्यमंत्री के पास मौजूद कुछ विभाग भी मंत्रियों के बीच बांटे जाने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि निगम-मंडलों की पहली सूची कब जारी होती है और किन नेताओं को इसमें जगह मिलती है।
