मंदिर में सजाया गया फूल बगला,मां लक्ष्मी का हुआ भव्य श्रंगार

देशभर में मां लक्ष्मी की अनैक मंदिर है जो कई रहस्य और चमत्कारों के लिए जाते है.ऐसा ही ऐक मंदिर मध्यप्रदेश के बडवानी में जहां मां लक्ष्मी वर मुद्रा में विराजित है और इस मंदिर का इतिहास 200 साल पुराना है.
MP NEWS: महालक्ष्मी मंदिर में विशेष सजावट

बड़वानी शहर के रानीपुरा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में वैसे तो अभिषेक-पूजन, श्रृंगार, महाआरती हर साल होती ही है, लेकिन इस बार दीपोत्सव की अलग ही रौनक है। 200 साल से ज्यादा पुराने मंदिर में दीपावली तक हर दिन अलग थीम पर फूल बंगला सजाया जा रहा है।
MP NEWS: कमल आसन पर वरद मुद्रा में विराजित हैं मां लक्ष्मी
यह मंदिर इसलिए भी खास है क्योंकि यहां पर कमल आसन पर वरद मुद्रा यानि दान या कुछ देने की मुद्रा में गजलक्ष्मी विराजित है। दीपावली पर अलसुबह 3 बजे अभिषेक पूजन के साथ 6 बजे पट खुले और दिनभर दर्शनार्थियों के लिए खुले रहे।
MP NEWS: 200 साल पुराना है इतिहास
मंदिर में सेवा देने वाली तीसरी पीढ़ी के पंडित राहुल शुक्ला बताते हैं कि यह मंदिर पोरवाड़ समाज के अधीनस्थ होकर 200 साल से भी ज्यादा पुराना है। एक भक्त को स्वप्न आने पर राजस्थान से नदियां पार कर नाव से प्रतिमा को यहां लाया गया था। प्रतिमा तीन फीट ऊंची है।पहले मंदिर का स्वरूप काफी छोटा हुआ करता था।12 साल पूर्व इसका जीर्णोद्धार कराने के बाद से अब यह बड़े स्वरूप में है। दीपावली पर अलसुबह से अभिषेक, पूजन के बाद 6 बजे पट खोले गए। इसके बाद 8 बजे आरती हुई। पंचमेवा, पान, रबड़ी सहित विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। दिनभर श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। वहीं शयन आरती में पानी व दूध का भोग लगाया जाएगा।
