Bhopal: वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों और जमीन पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ आज NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा। मुख्यमंत्री के आगामी वीआईटी विश्वविद्यालय दौरे से पहले लिखे गए इस पत्र में परमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र के अनुसार विश्वविद्यालय ने गवाखेड़ा रोड से ग्राम लसूडिया और छापरी के महत्वपूर्ण रास्तों पर कब्जा कर किसानों को उनके खेतों तक पहुँचने में कठिनाइयाँ उत्पन्न की हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की
यह रास्ता वर्षों से किसानों द्वारा कृषि कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है और इस रास्ते के बंद होने से किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा शासकीय नाले पर अवैध निर्माण किया गया है जिससे गंदा पानी खेतों में बहने से भूमि की उर्वरता और फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

साथ ही पत्र में यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय किसानों पर दबाव बनाकर उनकी जमीनों को कम कीमत पर खरीदने का प्रयास कर रहा है जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे की त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की, जिससे किसानों और छात्रों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
Nation mirror ने इस को लेकर बात की
साथ ही नेशन मिरर ने जब वीआईटी विश्वविद्यालय में मामले की जानकारी को लेकर बात की तो उनका कहना था कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा कुछ है तो लोकल कलेक्टर से जांच करवाएं साथ ही अधिकारी का कहना है कि मैं इस बयान के लिए प्रामाणिक नहीं हूं।
