मोहन सरकार की घोषणाएं: नए साल 2026 में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार के लोगों के लिए कई बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. सरकार ने राज्यवासियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है, जो लंबे समय से प्रतीक्षित थीं. इनमें सरकारी बस सेवा की वापसी, आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना का विस्तार, पेंशन नियमों में सुधार, सरकारी अवकाश में बदलाव और दो बच्चों की नौकरी की शर्त हटाना शामिल है।
मोहन सरकार की घोषणाएं: 1. मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में कैशलेस इलाज
अब तक राज्य के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स अपने इलाज का खर्च पहले खुद उठाते थे. इसके बाद सरकार CGHS दरों के अनुसार reimbursement देती थी। अक्सर यह पूरा खर्च कवर नहीं होता, जैसे कि लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च लगभग 20 लाख होता है, जबकि सरकार केवल 4 लाख देती थी।नए साल से 15 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। सामान्य बीमारियों पर 5 लाख और गंभीर बीमारियों पर 10 लाख रुपए तक इलाज का प्रावधान है। इसके साथ कर्मचारी विभाग से चिकित्सा रिफंड के लिए आवेदन भी कर सकेगा.अब कर्मचारियों को पहले खर्च करने की चिंता नहीं रहेगी और इलाज तुरंत होगा।
मोहन सरकार की घोषणाएं: 2. 21 साल बाद लौट रही सरकारी बस सेवा
एमपी में 21 साल बाद फिर से सरकारी बस सेवा शुरू हो रही है। सरकार ने 25 जिलों में 6,000 से ज्यादा रूट पर संचालन के लिए ‘यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है। इस योजना के तहत 10,879 बसें दौड़ेंगी. नेशनल ई-बस योजना के तहत मध्य प्रदेश को 582 ई-बसें मिली हैं. इनमें 472 मिडी ई-बस और 110 मिनी ई-बसशामिल हैं। ई-बसों का किराया मौजूदा सिटी बसों से कम होगा।
Also Read-सीएम डॉ मोहन यादव का जबलपुरवासियों को तोहफा, 5000 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती होगी
3. पेंशन नियमों में बड़ा सुधार
नए नियमों के तहत अब 25 साल से ऊपर की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटी भी परिवार पेंशन की पात्र होगी।
यह बदलाव 2011 के केंद्र सरकार नियमों पर आधारित है.इससे बेटियों को भी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और पारिवारिक पेंशन का लाभ बढ़ेगा।
Also Read-2026 में लाड़ली बहनों को मिलेंगे हर महीने 2 हजार रुपए !
4. सरकारी अवकाश नियमों में बदलाव
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के अवकाश नियम 48 साल पुराने थे.अब 1 जनवरी 2026 से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 लागू होंगे। नए नियम केंद्र सरकार की छुट्टियों के नियमों के अनुरूप होंगे. बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना आसान होगा. छुट्टी दुरुपयोग पर नियंत्रण. रोस्टर के अनुसार अवकाश की सुविधा. EL और HPL साल में दो बार अग्रिम उपलब्ध.
5. सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म
लगभग 24 साल से सरकारी नौकरी में दो बच्चों की अनिवार्यता थी. अब तीन संतान वाले उम्मीदवार भी सरकारी नौकरी के लिए पात्र होंगे। इससे 2001 के बाद लंबित मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
