MP monsoon: मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह विदा नहीं हुआ है, लेकिन पहाड़ों में बर्फबारी के चलते ठंडी हवाएं प्रदेश में दस्तक दे चुकी हैं। कई जिलों में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में ठंड का असर ज्यादा दिख रहा है। सबसे कम तापमान राजगढ़ में 14.6 डिग्री रहा। इंदौर 15.5, भोपाल 18, उज्जैन 18.5, ग्वालियर 18.9 और जबलपुर में 21 डिग्री दर्ज हुआ।

तीन दिन पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती
हालांकि कुछ जिलों में अब भी बारिश हो रही है। शुक्रवार को मलाजखंड (बालाघाट) में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। उमरिया, मंडला और सिवनी में भी मौसम बदला रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे जिलों में तेज धूप रही। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर समेत 35 से ज्यादा जिलों से मानसून ने विदाई ली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।
MP monsoon: अगले कुछ दिनों में विदाई की संभावना है
प्रदेश में अब तक 40 से अधिक जिलों से मानसून लौट चुका है। बाकी जिलों…सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, जबलपुर और छिंदवाड़ा से भी अगले कुछ दिनों में विदाई की संभावना है।
कम बारिश वाले जिले रहे
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो इस बार सबसे ज्यादा वर्षा गुना में 65.6 इंच हुई। मंडला और रायसेन में 62 इंच से ज्यादा और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
जहां कोटे से ज्यादा पानी गिरा
इंदौर और उज्जैन संभाग की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन सितंबर में अच्छी बारिश के चलते इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन जिले का कोटा अब भी अधूरा है। ग्वालियर-चंबल और सागर संभागों में अच्छी बारिश हुई, जहां कोटे से ज्यादा पानी गिरा।
जबकि न्यूनतम 11.7 डिग्री रहा था
भोपाल में अक्टूबर का औसत अधिकतम तापमान 32.7 और न्यूनतम 19.1 डिग्री सेल्सियस रहता है। पिछले वर्षों में तापमान 33 डिग्री से ऊपर ही रहा है। 2012 में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 38 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि न्यूनतम 11.7 डिग्री रहा था।
