मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। बस स्टैंड के पास स्थित अग्रवाल लॉज की 4 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

Mp kotma building collapse incident: क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शाम के समय हुआ जब लॉज में कई लोग मौजूद थे। इमारत ताश के पत्तों की तरह गिर गई और कई लोग मलबे में दब गए। अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 से 8 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Mp kotma building collapse incident: घटना के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 100 से ज्यादा लोगों की टीम मलबा हटाने में जुटी है। स्थानीय लोग भी रेस्क्यू में मदद कर रहे हैं। मलबे के अंदर से लोगों के चीखने की आवाजें आने की बात सामने आई है, जिससे राहत कार्य और तेज कर दिया गया है।
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया। और सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा की
“कल कोतमा, अनूपपुर में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹2-2 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹50-50 हजार राशि दी जाएगी।
राज्य सरकार प्रभावित परिजनों के साथ खड़ी है। ईश्वर से दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।”
Mp kotma building collapse incident: हादसे की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लॉज के पास अंडरग्राउंड खुदाई का काम चल रहा था। इसी वजह से इमारत की नींव कमजोर हो गई और पूरी बिल्डिंग अचानक ढह गई।
प्रशासन अलर्ट पर
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही आसपास की इमारतों की भी जांच की जा रही है, ताकि कोई और हादसा न हो।
स्थिति अभी भी गंभीर
मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। जैसे-जैसे रेस्क्यू आगे बढ़ रहा है, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कोतमा का यह हादसा लापरवाही और अवैज्ञानिक निर्माण कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर है, जहां हर पल किसी की जिंदगी बचाने की जंग जारी है।
