CM Mohan Yadav 61: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 61 साल के हो गए है। MP में मोहन सरकार बने ढ़ाई साल होने में है। इन ढ़ाई सालों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई ऐसे काम किए जो जनता के हित में थे। जो संकल्प लिया उनको पूरा किया गया। चाहे वो MP का विकास हो या MP को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाना।
कभी कॉलेज कैंपस में छात्रसंघ की आवाज उठाने वाले एक युवा आज मध्यप्रदेश की सत्ता का सबसे बड़ा चेहरा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजनीतिक सफर उन कहानियों में शामिल है, जो धीरे-धीरे बनती हैं लेकिन लंबा असर छोड़ जाती हैं। उज्जैन के साधारण परिवार से निकलकर प्रदेश की सत्ता तक पहुंचने का उनका सफर कई मायनों में खास रहा।
छात्र राजनीति से शुरू हुई यह यात्रा संगठन, विधानसभा और फिर CM पद तक पहुंची। उज्जैन, जो धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है, ने उनके व्यक्तित्व को गहराई दी। यही कारण है कि उनके राजनीतिक दृष्टिकोण में आज भी सांस्कृतिक जुड़ाव CM में साफ नजर आता है।

इस दौरान उन्होंने शिक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। यह वह दौर था, जब वे सुर्खियों में कम मिली, लेकिन संगठन के भीतर मजबूत होते गए।
3 बार के विधायक
डॉ. यादव वर्ष 2006 में भारत स्काउट और गाइड के जिलाध्यक्ष, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, साल 2007 में अखिल भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, साल 1992, 2004 एवं 2016 सिंहस्थ उज्जैन केन्द्रीय समिति के सदस्य रहे।
2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण की सीट से विधायक बने। इसके बाद 2018 में लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए, जिससे उनके जनाधार की मजबूती साफ नजर आई। वे उज्जैन दक्षिण सीट से 3 बार (2013, 2018, 2023) विधायक रहे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार में डॉ. मोहन यादव ने शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया और मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को लागू करने में अहम भूमिका निभाई।

MP के 19वें CM
विधानसभा चुनाव के बाद 13 दिसंबर 2023 को डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 13 दिसंबर को उन्होंने मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। यह उनके लंबे राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा मुकाम था।चुनाव के बाद जब CM के नाम को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, उनका नाम इस पद के लिए एक सरप्राइज चॉइस के तौर पर सामने आया।
मध्यप्रदेश में निवेश लाने का बड़ा काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। मोहन सरकार बनते ही कुछ ही महीनों में MP में ग्लॉबल इन्वेस्टर समीट का आयोजन किया गया। इस आयोजन में MP को करोड़ों का निवेश मिला।
GIS का आयोजन
राजधानी भोपाल में 24-25 फरवरी को “इन्वेस्ट एमपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट” (GIS) का आयोजन किया गया था। GIS, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और राष्ट्रीय इंटरैक्टिव सेशन और विदेश यात्राओं से 32 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। अब तक 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं। MP 1 साल में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव लाने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है।
- 881 इकाइयों को भूमि आवंटन
- 281 इकाइयों का भूमिपूजन
- 141 इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है।
निवेश और औद्याेगिक विकास का नया इकोसिस्टम, 18 नई नीतियों को मंजूरी मिली है। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में 5 हजार 550 एकड़ जमीन अलॉट हो चुकी है।

CM Mohan Yadav 61: Invest in MP
GIS के बाद जयपुर में मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट सत्र हुआ। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत के बीच एमपी की नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं और औद्योगिक क्षमताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के प्रगाढ़ संबंधों पर जोर दिया। जबसे मोहन सरकार बनी है तब से Invest in MP को लेकर बड़े-बड़े काम कर रही है।
MP सरकार की नीतियां
मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए 26 प्रकार की नई नीतियां लागू की।
- स्पेस और AI सेक्टर के लिए भी विशेष पॉलिसी।
- मध्य प्रदेश अब एक बिजली सरप्लस राज्य है, जिसकी बिजली से दिल्ली मेट्रो तक संचालित हो रही है।
- औद्योगिक विकास के साथ-साथ माइनिंग और मेडिकल टूरिज्म पर भी विशेष ध्यान ।
- ‘ग्रीन, क्लीन एंड सोलर एनर्जी कैपिटल’ के रूप में उभर रहा MP
- 2 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट दर पर घरेलू बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
- मेडिकल टूरिज्म के लिए मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है।
- PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल खोलने के लिए 1 रुपए में लीज पर जमीन दी जा रही है।
- दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा MP
- 5 हजार से 50 हजार क्षमता की बड़ी गौशालाएं खोलने के लिए जमीन दी जा रही है।
- प्रति गौमाता अनुदान भी 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है।
- पशुओं की नस्ल सुधार और चिकित्सा के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं।
- स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटने के लिए योजना की शुरुआत की है।
- रीवा में टाइगर सफारी और नए एयरपोर्ट की सौगात।
- एविएशन पॉलिसी के तहत हवाई सेवा प्रदाताओं को VGF दिया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को प्रति फ्लाइट 15 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है।
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम श्री हेली सर्विस’ और वन्य जीव संरक्षण के तहत चीतों का पुनर्वास किया गया है।
- चंबल में डॉल्फिन और घड़ियालों के संरक्षण के साथ-साथ अन्य राज्यों से वन्य जीवों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा और भी कई नीतियां है जिनपर राज्य सरकार काम कर रही है।
अफसरों पर गिरी गाज
इसके अलावा CM डॉ. यादव ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसी। साथ ही लापरवाही करने वाले अफसरों को भी सीधा किया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 22 मार्च को अचानक सीधी जिले का दौरा कर प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। दौरे के दौरान उन्होंने एक ओर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए साफ संकेत दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उनके दौरे से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीएम डॉ. यादव ने सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी कलेक्टर को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित नहीं मानते हुए एसपी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।

CM Mohan Yadav 61: प्रशासनिक बदलाव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की और कहा कि दौरे के दौरान उन्हें कई प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है और यदि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन बैठाना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि आज के दौरे का परिणाम देर रात तक सामने आ जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
कलेक्टर को हटाया
सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण के दौरान आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी पद से हटाने के निर्देश दिए हैं।
