MP Intelligence: भोपाल। मध्य प्रदेश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इंटेलिजेंस के आईजी डॉ. आशीष का मोबाइल चोरी हुए दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक उसे बरामद नहीं कर पाई है। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि मोबाइल में स्टेट सिक्योरिटी, नक्सल ऑपरेशन और अन्य संवेदनशील जानकारियां मौजूद हो सकती हैं, जो राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

MP Intelligence: मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए
यह वारदात मंगलवार रात राजधानी भोपाल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले चार इमली क्षेत्र में हुई। आईजी डॉ. आशीष अपनी पत्नी के साथ टहलने निकले थे, तभी कोलार रेस्ट हाउस के पास बाइक सवार दो से तीन बदमाशों ने अचानक पीछे से हमला कर उनका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए।
MP Intelligence:अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है
घटना के बाद पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें तीन संदिग्ध बाइक सवार दिखे। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन किसी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस ने क्षेत्र के पुराने अपराधियों से भी पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
MP Intelligence: सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर जहां यह इलाका वीआईपी जोन के तौर पर जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की लूट की घटना का होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। डॉ. आशीष राज्य इंटेलिजेंस के प्रमुख हैं और नक्सल से लेकर आतंकवाद तक के कई संवेदनशील मामलों में कार्यरत रहे हैं। ऐसे में उनका मोबाइल किसी भी तरह से असामाजिक तत्वों के हाथ लगना राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
MP Intelligence:मजबूती को भी कटघरे में ला खड़ा किया है
मोबाइल की बरामदगी पुलिस के लिए एक चुनौती बनी हुई है। अब तक कोई ठोस सुराग न मिलने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य के इंटेलिजेंस सिस्टम की मजबूती को भी कटघरे में ला खड़ा किया है।
