MP Health news 2026: मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल वापस से खुल गयी है. प्रदेश के छतरपुर जिले में एक वृद्ध आदमी को हार्ट-अटैक आ गया, और उनके बेटे ने एम्बुलेंस को फ़ोन किया. एम्बुलेंस के ना पहुँच पाने के कारण बेटे ने पिता को लोडिंग वाहन में अस्पताल ले जाने की कोशिश की.
हालाँकि, लोडिंग वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गया. वाहन के अन्दर बेटा निरंतर अपने पिता को CPR दे कर उनकी जान बचाने की कोशिश करता रहा, पर पिता की अस्पताल पहुँचने के पहले ही मृत्यु हो चुकी थी. मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पे वायरल हो रहा है.

मृतक का नाम जगदीश विश्वकर्मा
मृतक जगदीश विश्वकर्मा (65) छतरपुर के राजनगर थाना क्षेत्र के तालगांव के रहने वाले थे. शुक्रवार को वे अपने बेटे संतोष विश्वकर्मा के साथ छतरपुर जा रहे थे. बरकोंहा गाँव के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उन्होंने सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत की.
संतोष ने बताया की उसने तुरंत एम्बुलेंस को फ़ोन किया, पर एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची. मजबूरी में संतोष ने एक लोडिंग वाहन का प्रबंध किया.
ट्रैफिक जाम में फंसा वाहन, लोगों की कोशिशों के बावजूद हुई मृत्यु
शहरी क्षेत्र में प्रवेश करते ही लोडिंग वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गया. संतोष और आस पास के लोगों ने ट्रैफिक में फंसे वाहनों को हटाने का भरसक प्रयत्न किया. इसी दौरान संतोष लगातार अपने पिता को CPR दे कर उनकी चेतना बनाये रखने की कोशिश करता रहा, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
चलते लोडिंग वाहन में संतोष अपने पिता की छाती दबाते हुए बार-बार “पापा,आंखें खोलिए… पापा, आंखें खोलिए” बोलता रहा. अस्पताल पहुँचने पर जगदीश को मृत घोषित कर दिया गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने जन सामान्य को झकझोर के रख दिया है. अस्पताल में परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया, और जगदीश के शरीर को घर ले गए.
