मध्यप्रदेश में राज्य सेवा परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए इंदौर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। उम्र की शर्त में अटक गए उम्मीदवारों को कोर्ट ने फिलहाल राहत दी है। खास तौर पर 40 साल की सीमा पार कर चुके ईडब्ल्यूएस युवाओं को अब चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा, कम से कम अंतिम फैसले तक.
MPPSC के विज्ञापन पर हाईकोर्ट का अंतरिम दखल
इंदौर हाईकोर्ट के जस्टिस जयकुमार पिल्लई की एकलपीठ ने MPPSC द्वारा जारी राज्य सेवा परीक्षा 2026 के विज्ञापन पर अंतरिम हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 40 वर्ष से अधिक आयु वाले याचिकाकर्ता ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को प्रोविजनल रूप से आवेदन करने और आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने दिया जाए। हालांकि साफ किया गया है कि उनका अंतिम चयन न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा.
31 दिसंबर 2025 के विज्ञापन से जुड़ा मामला
पूरा मामला 31 दिसंबर 2025 को जारी राज्य सेवा परीक्षा 2026 के विज्ञापन से जुड़ा है। इसमें गैर-वर्दीधारी पदों के लिए 1 जनवरी 2026 की स्थिति में अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई थी। विज्ञापन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाएं, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक समेत कई वर्गों को आयु में छूट दी गई, लेकिन ईडब्ल्यूएस वर्ग को इससे बाहर रखा गया.
तीन युवकों की याचिका, उम्र बनी दीवार
इस असमानता को चुनौती देते हुए इंदौर निवासी अभिषेक तिवारी सहित तीन ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि केवल 1 से 3 साल अधिक उम्र होने के कारण उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर ही अयोग्य घोषित कर दिया जा रहा है, जबकि योग्यता के अन्य सभी मापदंड वे पूरा करते हैं.
अनुच्छेद 14 और समानता का सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि सिर्फ ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु छूट से वंचित रखना संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। साथ ही राजस्थान का उदाहरण भी कोर्ट के सामने रखा गया, जहां ईडब्ल्यूएस पुरुषों को 5 साल और महिलाओं को 10 साल तक की आयु छूट दी जा रही है.
फैसला अभी अंतरिम, असर दूर तक
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह आदेश फिलहाल केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय का दायरा कहीं बड़ा हो सकता है। यदि कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया, तो प्रदेश के हजारों ऐसे उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है, जो उम्र की वजह से अब तक MPPSC परीक्षा से बाहर हो रहे थे.
अब निगाहें अंतिम फैसले पर
फिलहाल 40 पार ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए दरवाजा खुला है, लेकिन आखिरी मंजिल कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की भर्ती नीति और आयु-सीमा नियमों की दिशा तय कर सकता है.
