MP resident doctors stipend hike: मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर उनके स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।इस फैसले से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे पीजी छात्र, इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
MP resident doctors stipend hike: पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
नए आदेश के अनुसार पोस्टग्रेजुएट (पीजी) डॉक्टरों के स्टाइपेंड में संशोधन किया गया है।
पीजी फर्स्ट ईयर – 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये
पीजी सेकेंड ईयर – अब 80,050 रुपये
पीजी थर्ड ईयर – अब 82,441 रुपये
इसी तरह इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये कर दिया गया है।
MP resident doctors stipend hike: सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट को भी फायदा
सरकार ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया है। वहीं जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये तय किया गया है।इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 82,441 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Rajendra Shukla ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में वे प्रशिक्षण के साथ-साथ मरीजों को लगातार सेवाएं भी देते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
हड़ताल के बाद लिया गया फैसला
स्टाइपेंड में संशोधन की मांग को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। 9 मार्च को जूनियर डॉक्टरों ने सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हड़ताल भी की थी.बाद में सरकार और Junior Doctors Association के बीच हुई बैठक के बाद आंदोलन को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का आदेश जारी किया।
