MP government: मध्यप्रदेश सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के 70 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन शिक्षकों की जुलाई और अगस्त 2025 की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाई है, उन्हें इन दोनों महीनों का वेतन विद्यालय उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर दिया जाएगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने शुक्रवार को आदेश जारी किया है।

यह निर्णय लिया गया
आदेश में कहा गया है कि कई स्थानों पर अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वे समय पर अटेंडेंस दर्ज नहीं कर सके। साथ ही यह प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर लचीलापन दिखाते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पस्थिति दर्ज कर मानदेय देयक जनरेट किए
लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, संबंधित शाला प्रभारी शिक्षक की मैनुअल उपस्थिति को प्रमाणित कर पोर्टल 3.0 पर अपलोड करेंगे। इसके आधार पर कार्यदिवसों की उपस्थिति दर्ज कर मानदेय देयक जनरेट किए जाएंगे।
ई-अटेंडेंस अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी
हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और इसे भविष्य के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा। आगामी समय में सभी अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी।
MP government: ई-अटेंडेंस के आधार पर ही निकाला जाएगा
इससे पहले गुरुवार को लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी निर्देश दिए थे कि अक्टूबर 2025 से सभी शासकीय विद्यालयों में कार्यरत लोक सेवकों जिनमें नियमित और अतिथि शिक्षक दोनों शामिल हैं.. का वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही निकाला जाएगा।
यदि किसी शिक्षक ने अब तक ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता का पालन नहीं किया है, तो ऐसे लोक सेवकों का अक्टूबर माह का वेतन नहीं आहरित किया जाएगा।
विकासखंडवार ई-अटेंडेंस की निगरानी कर सकें
पोर्टल 3.0 पर जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्य को यह सुविधा दी गई है कि वे प्रतिदिन जिलेवार, विद्यालयवार और विकासखंडवार ई-अटेंडेंस की निगरानी कर सकें।
MP government: संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाएं
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में प्रतिदिन ई-अटेंडेंस की समीक्षा करें और जिन विद्यालयों में अटेंडेंस दर्ज नहीं हो रही है, उनका निरीक्षण कर संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाएं।
