यह राशि मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन उत्पादकों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई के रूप में दी गई है।
810 करोड़ रुपये ट्रांसफर
810 करोड़ रुपये की राशि योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत किसानों के खातों में पहुंचाई गई। इससे किसानों को रबी सीजन की तैयारी और अन्य किसानी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। इससे पहले नवंबर में सरकार ने 1.32 लाख किसानों को लगभग 300 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी।

MP Farmers Bhavantar Payment: क्या है योजना?
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना है। योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिन्होंने योजना में रजिस्ट्रेशन कराया हो। अगर सोयाबीन का मार्केट भाव MSP से कम होता है, तो सरकार उस अंतर की भरपाई करती है। बता दे की भुगतान की गणना MSP, किसानों द्वारा बेचे गए वास्तविक मूल्य और राज्य सरकार के ‘मॉडल रेट’ के आधार पर की जाती है।
CM किसान की किश्त का इंतजार
MP Farmers Bhavantar Payment: बता दे कि, मध्य प्रदेश के 83 लाख से ज्यादा किसानों को अभी भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त का इंतजार है। PM किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के 2000 रुपये 19 नवंबर को ही किसानों को मिल चुके हैं। लेकिन CM किसान की अगली किस्त का कुछ पता नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि किसानों को किश्त के लिए फरवरी तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
