MP Datia Stubble Burning Case : ऑन ड्यूटी जवान और 7 साल का बच्चा भी आरोपी
MP Datia Stubble Burning Case : मध्यप्रदेश के दतिया की सेवढ़ा तहसील के मुबारिकपुरा में पराली जलाने के आरोप में पटवारी ने 15 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। जिन पर एफआईआर हुई, उनमे ऐसे व्यक्ति का नाम भी पराली जलाने वाले आरोपियों की लिस्ट में शामिल है, जिसकी पांच साल पहले मौत हो चुकी है।
मृतक के नाम FIR
दिल्ली में तैनात एक सीआरपीएफ जवान और 7 साल के बच्चे के खिलाफ भी पराली जलाने का मुकदमा दर्ज करवाया गया है। यह भी आरोप है कि हल्का पटवारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में घटना का समय भी बदल दिया गया। असल में यह घटना दोपहर 12 बजे की थी, जबकि FIR में बताई गई है।आरोपियों की लिस्ट में शामिल लोग अब इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पूरे घटनाक्रम को जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने उन ग्रामीणों से बात की, जिनके नाम एफआईआर में शामिल हैं।
पराली जलाने पर हुई FIR
खसरा नंबर के आधार पर 15 किसानों के खिलाफ एफआईआर दरअसल, दतिया कलेक्टर संदीप माकिन ने पराली या नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। निर्देशित किया गया है कि खेतों में पराली जलाने की स्थिति में संबंधित किसान पर कार्रवाई की जाए और जुर्माना लगाया जाए। साथ ही किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात भी कही गई है।
कार्रवाई पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पटवारी ने मौके की वस्तुस्थिति का उचित निरीक्षण किए बिना सिर्फ खसरे में दर्ज नामों के आधार पर एफआईआर कराई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई की गई है, उन्हें राहत दी जाए।
नुकसान का सर्वे नहीं पीड़ितों को ही बनाया आरोपी
नुकसान का सर्वे नहीं, पीड़ितों को ही आरोपी बनाया प्राइवेट स्कूल में टीचर अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि यह प्रशासन की लापरवाही है। अधिकारी ने मौके पर जाए बिना ही एफआईआर दर्ज की है। किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हमें दूसरे दिन किसी ने बताया कि हमारे नाम पर मुकदमा हुआ है।
सब इंस्पेक्टर की पत्नी भी आरोपी
सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर राम मिलन शर्मा ने कहा- एफआईआर में मेरी पत्नी अनिता का नाम भी है। जबकि मैं ड्यूटी पर और पत्नी रजिस्ट्रार ऑफिस में थी। इसका सबूत भी है। कमांडेंट से मिलकर आगे की कार्रवाई करेंगे।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने बिना जांच किए और बिना पक्ष सुने ही मनमाने ढंग से एफआईआर दर्ज करा दी। पहले यह सुनिश्चित तो कर लेते कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, वे वास्तव में घटना के समय मौके पर मौजूद थे भी या नहीं। एक मृत व्यक्ति, दिल्ली में तैनात जवान और सात वर्षीय बच्चे पर मुकदमा दर्ज किया जाना प्रशासन की गंभीर लापरवाही है।
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