सर्किट हाउस में मांगा था कमरा
MP Crime:जबलपुर कलेक्टर को एक फाेन आता है,फाेन पर एक व्यक्ति स्वयं काे भोपाल वल्लभ भवन का मीडिया अधिकारी बताता है,उस व्यक्ति ने गुरुवार और शुक्रवार को दाे दिन जबलपुर प्रवास पर हाेने की बात कलेक्टर से बाेली और ठहरने के लिए सर्किट हाउस में कमरा मांगा,आपकाे बता दें की कलेक्टर दीपक सक्सेना ने तुरंत प्रोटोकाल अधिकारी को जानकारी दी और उसके लिए सर्किट हाउस में एक कक्ष आरक्षित कर दिया गया।
रौब देखकर झांसे में अधिकारी

MP Crime:आपकाे बता दें की उसके लिए सर्किट हाउस में एक कक्ष आरक्षित कर दिया गया और वह गुरुवार को सर्किट हाउस में आकर रुका बताया जा रहा है की वह व्यक्ति रात को एक कार से घूमने के लिए निकला था और कार की कांच में काली फिल्म चढ़ी थी,कार का लगातार हूटर बज रहा था। ये देखकर पुलिस ने कार को रोका,बताया जा रहा है की पुलिस के पूछताछ करने पर कार सवार पुलिस के उत्तर देने में लड़खड़ाया ताे संदेह होने पर जब जांच की गई तो उसका फर्जीवाड़ा सामने आ गया। फर्जी मीडिया अधिकारी सुधीर कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है,आपकाे बता दें की वह भोपाल का रहने वाला है, सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपित की कार भी जब्त की है।
हूटर वाली कार में घूम रहा था नगर

MP Crime: गुरुवार की रात को फर्जी अधिकारी सुधीर कुमार प्रसाद अपनी हूटर वाली कार में जब नगर में घूम रहा था,तब रात को पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी,पुलिस कर्मियों ने जब जांच के दौरान फर्जी अधिकारी सूधीर कुमार प्रसाद काे राेका ताे फर्जी अधिकारी ने पुलिस काे रौब झाड़ा और जांच के लिए पूछे जाने पर धौंस जमाने लगा।
MP Crime: कार चालक ने धौंस जमा रहे व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी होना और सर्किट हाउस में रुकना बताया। पुलिस कर्मियों ने अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की तो उसके द्वारा सर्किट हाउस में मीडिया अधिकारी होना बताया गया,अलग-अलग जानकारी देने पर जब पुलिस काे संदेह हुआ ताे उसे पुछताछ के घेरे में लेकर पूछताछ की तो उसने सर्किट हाउस में रुकने के लिए झूठी जानकारी देना कबूल कर लिया।
खुद को मीडिया अधिकारी बताकर फोन लगाया था

MP Crime: एक व्यक्ति ने स्वयं को मंत्रालय का मीडिया अधिकारी बताकर फोन किया। सर्किट हाउस में कक्ष मांगा। मामले में प्रोटोकाल अधिकारी को सूचित किया गया। जब मंत्रालय से जानकारी मांगी गई तो संबंधित नाम का कोई व्यक्ति वहां मीडिया अधिकारी नहीं था। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है। वह कार्रवाई कर रही है। – दीपक सक्सेना, कलेक्टर
