MP cough syrup case: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 22 मासूम बच्चों की जान लेने वाले कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। इस खतरनाक सिरप को बनाने वाली तमिलनाडु की फार्मा कंपनी श्रीसन फार्मा में कार्यरत केमिकल एनालिस्ट माहेश्वरी को एसआईटी (विशेष जांच टीम) ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले कंपनी के मालिक रंगनाथन को भी पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है।

बिना टेस्टिंग के बाजार में भेजा गया था कफ सिरप
जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ कि सिरप की कोई लैब टेस्टिंग नहीं की गई थी। इस परीक्षण की जिम्मेदारी केमिकल एनालिस्ट माहेश्वरी की थी, लेकिन उसने घोर लापरवाही बरतते हुए बिना किसी जांच के यह सिरप बाजार में सप्लाई कर दिया। इस लापरवाही की वजह से छिंदवाड़ा में 22 बच्चों की मौत हो गई।
जांच प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज की गई
MP cough syrup case: एसआईटी द्वारा जब उससे जांच रिपोर्ट मांगी गई, तो वह कोई भी दस्तावेज या रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे साफ हो गया कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज की गई थी।
SIT लेकर रवाना हुई छिंदवाड़ा
गिरफ्तारी के बाद अब एसआईटी की टीम माहेश्वरी को लेकर छिंदवाड़ा रवाना हो गई है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि केमिकल एनालिस्ट से पूछताछ में कई और महत्वपूर्ण सुराग सामने आ सकते हैं।
MP cough syrup case: अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस गंभीर और संवेदनशील मामले में अब तक कई लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:
डॉ. प्रवीण सोनी
रंगनाथन (कंपनी मालिक)
राजेश सोनी
सौरभ जैन (रिटेलर)
MP cough syrup case: इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने या तो लापरवाही बरती या दोषपूर्ण दवाइयों की बिक्री और वितरण में भूमिका निभाई।
