MP collage news: मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की समस्या से निपटने की जिम्मेदारी अब सीधे प्राचार्यों पर डाल दी गई है। मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में 1 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए है, जिसमें प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।

बता दें की यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार किया गया है। जिसमें देशभर के शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने पर जोर दिया गया था। बढ़ते डॉग बाइट मामलों और छात्र-शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
MP collage news: निर्देश की मुख्य बातें
प्रत्येक कॉलेज/विश्वविद्यालय में प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि कॉलेज परिसर में आवारा पशुओं (खासकर कुत्तों) की एंट्री रोकी जाए और परिसर सुरक्षित रहे।
परिसर की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जैसे बाउंड्री वॉल की मरम्मत, गेट्स बंद रखना, कचरा प्रबंधन और नियमित निगरानी।
नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर कॉलेज के मुख्य द्वार पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि कोई समस्या होने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।
स्थानीय निकायों (नगर निगम/पंचायत) से समन्वय बनाकर पशुओं को हटवाने या ABC (Animal Birth Control) नियमों के तहत प्रबंधन किया जाएगा।
मामले को लेकर उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। कई कॉलेजों में पहले से ही आवारा कुत्तों के कारण छात्रों में डर और असुविधा की शिकायतें आ रही थीं।
