मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के छठवें दिन कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कुपोषित बच्चों पर मात्र ₹8 प्रति बच्चा खर्च कर रही है, जबकि मंत्रियों के एक दिन के नाश्ते पर ₹19,000 के ड्राई फ्रूट्स का खर्च किया जाता है। उन्होंने इसे आदिवासी और गरीब बच्चों के साथ भेदभाव बताया।
आदिवासी भूमि और वन अधिकारों पर गरमाई राजनीति
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सदन में कहा कि आदिवासियों की जमीनें जबरन छीनी जा रही हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने अब तक 26,500 से अधिक वन अधिकार पट्टे वितरित किए हैं, जो एक रिकॉर्ड है।
वन मंत्री विजय शाह ने बताया कि सेटेलाइट इमेज के जरिए दिसंबर 2005 की स्थिति के आधार पर पट्टों का सत्यापन किया जा रहा है।
सदन में पेश हुए महत्वपूर्ण विधेयक
सत्र में सरकार ने कई विधेयक भी पेश किए, जिनमें शामिल हैं
महानगर क्षेत्र नियोजन और विकास विधेयक
कारखाना संशोधन विधेयक
दुकान स्थापना संशोधन विधेयक
मोटरयान कराधान विधेयक
विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
कांग्रेस विधायकों के सवाल और मंत्रीगण के जवाब
अजय सिंह ने पूछा कि जिनके पट्टे निरस्त हुए हैं, उन्हें दोबारा पात्रता के आधार पर दिया जाएगा या नहीं?
हीरालाल अलावा बोले, कोई ग्रामसभा सामुदायिक वन अधिकार का लाभ नहीं ले सकी।
फूल सिंह बरैया ने पूछा, क्या सरकार आदिवासियों को वाकई संरक्षण दे रही है?
वन मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब में कहा कि तीन स्तर पर जांच कर ही दावे स्वीकार किए जाते हैं।
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