विधानसभा सत्र 16 फरवरी: 16 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में विधायकों की कार्यवाही अब पुरानी फ़ाइलों के बजाय डिजिटल स्क्रीन पर होगी. प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का नवम सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा। सचिवालय ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी की, जिसमें बताया गया कि कुल 12 बैठकों के अलावा सदन की कुछ प्रक्रियाएं भी बदल सकती हैं।
विधानसभा सत्र 16 फरवरी: दस्तावेज नहीं टैबलेट लेकर आएंगे विधायक
सदन में विधायक पुस्तकें और कागज़ की जगह टैबलेट लेकर आएँगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह कदम सदन की व्यवहार्यता और पारदर्शिता के लिए उठाया गया है. विधायक टैबलेट पर ही प्रश्न, संशोधन प्रस्ताव, नियम 267-क के नोट आदि देख पाएंगे, जिससे कागज़ों का ढेर कम होगा और सूचनाओं की उपलब्धता तेज़ होगी.
विधानसभा सत्र 16 फरवरी: प्रस्तावों की समय-सीमा तय
अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 4 फरवरी तक,
अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 फरवरी तक मिलीं,
स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण और नियम 267-क के नोट 10 फरवरी तक कार्यालय में दिए जा सकते हैं।
इन तारीखों के बाद प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे, ताकि सदन समय पर एजेंडा तैयार कर सके।
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अवकाश की योजना
19 दिनों की इस कार्य अवधि में कुछ बदलाव भी जरुरी हैं।
21 एवं 22 फरवरी (शनिवार-रविवार) अवकाश रहेगा
28 फरवरी और 1 मार्च भी छुट्टियों में आएंग
होली के कारण 2- 4 मार्च तक भी बैठकें नहीं होंगी
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बजट का बड़ा अनुमान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि इस बार के बजट का आकार पिछले वर्ष 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये से कहीं ऊपर जा सकता है. सरकार के अंदर यह चर्चा है कि 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपये के पार बजट पेश होगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भारी निवेश शामिल होने की उम्मीद है.एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, “बजट आकार बढ़ रहा है क्योंकि योजनाओं की संख्या बढ़ी है और पिछले वर्षों की तुलना में खर्च अधिक संगठित रूप से रखा गया है।”
