जयपुर की वो सुबह जो कोई मां भूल नहीं पाएगी
jaipur crime news son kills mother: 15 सितंबर 2025 की सुबह जयपुर के करधनी इलाके में जो हुआ, वो सिर्फ एक अपराध नहीं था, वो हर मां के दिल में एक सिहरन छोड़ गया।

मां… जिसने 9 महीने पेट में रखा, जो हर चोट पर फूंक मारती रही… उसी मां को उसके अपने बेटे ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसने वहीं दम तोड़ दिया। वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला, और लोगों ने एक सुर में कहा- क्या कोई इतना बेरहम हो सकता है?
ये कोई अचानक की गई वारदात नहीं थी…
नवीन सिंह, 31 साल का युवक। बीए तक पढ़ा हुआ, पहले जेनपैक्ट जैसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता था। लेकिन फिर जिंदगी भटक गई नशा, बेरोजगारी, और गुस्से का ऐसा ज़हर चढ़ा कि इंसान की शक्ल में हैवान बन बैठा।
मां संतोष देवी बस इतना चाहती थीं कि बेटा सुधर जाए। उसी सुबह वाई-फाई कनेक्शन को लेकर कुछ कहा — और वही छोटी सी बात बन गई जानलेवा झगड़े की वजह।
डंडा, घूंसे, गला दबाना — और वो तब तक मारता रहा जब तक मां बेसुध नहीं हो गईं। बेटियां चिल्लाईं, पिता जो खुद दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हैं, बेटे को रोकते रहे। लेकिन उस वक्त शायद शैतान खुद उसके शरीर में उतर आया था।

जब मां की सांस रुकी
पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया। संतोष देवी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वो जा चुकी थीं। हेड इंजरी, कान से बहता खून, और टूट चुकी थी एक मां की हिम्मत… और हमारा भरोसा भी। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर लिया, अब क़ानून अपना काम करेगा। लेकिन सवाल रह जाता है — क्या हम ऐसे हालात को समय रहते पहचान नहीं सकते थे?
सोचिए, महसूस कीजिए…
हर घर में कभी-कभी बहस होती है। लेकिन जब कोई बेटा अपनी ही मां पर हाथ उठाने लगे, जब गुस्सा हदें पार करने लगे — तो खामोश रहना सबसे बड़ा गुनाह बन जाता है।

कितने घरों में नशा, बेरोजगारी और गुस्से का मिला-जुला ज़हर पल रहा है, और हम आंख मूंदे बैठे हैं? क्या हम वाकई सुरक्षित हैं, अगर घर के भीतर ही मां को मारने वाला बैठा हो?
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