मंत्र की शक्ति पर महाराज का मत
Krishna Mantra Janmashtami 2025: जन्माष्टमी से पहले प्रेमानंद महाराज के एक वीडियो में एक भक्त ने पूछा कि भगवान कृष्ण का सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है। इस पर महाराज जी ने कहा कि भगवान के सभी नाम और मंत्र समान रूप से शक्तिशाली हैं। कोई भी मंत्र हल्का या भारी नहीं होता, क्योंकि भगवान स्वयं उनमें विराजमान रहते हैं।
भक्ति में भावना का महत्व
प्रेमानंद महाराज ने समझाया कि भक्त को वही नाम जपना चाहिए जो उसके लिए प्रिय हो या जो गुरु द्वारा दिया गया हो। केवल मंत्र की शक्ति पर भरोसा करने के बजाय, उसके नियमित और भावपूर्ण जप से ही लाभ प्राप्त होता है।

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परेशानियों से मुक्ति का उपाय
अपनी एक अन्य वीडियो में महाराज जी ने बताया कि अगर जीवन में कठिनाइयाँ आ रही हों तो इस मंत्र का 108 बार जप करें…
“कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:।।“
इससे जीवन की सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं।
जन्माष्टमी पर विशेष महत्व
Krishna Mantra Janmashtami 2025: जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु भक्त इसे अपने दैनिक पूजा-पाठ में शामिल करके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
