Morena Rifle Accident Child Killed in Play: रात के सन्नाटे में पोरसा के एक घर से निकली आवाज़ ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया। खेलते बच्चों की हंसी अचानक चीखों में बदल गई और खुशी का पल गम में तब्दील हो गया।घटना मुरैना के संजय नगर के एक किराए के मकान में हुई. जहां खेल-खेल में तीन बच्चों के बीच गोली चल गई और एक बच्चे की गोली लगने से मौत हो गई.
Morena Rifle Accident Child Killed in Play: खेल में खिलोना बनी पिता की बंदूक
दरअसल बच्चे घर के कमरे के एक कोने में पिता की लाइसेंसी 315 बोर राइफल दीवार पर लटकी थी. मकान मालिक का 14 वर्षीय बेटा जैसे-जैसे खेल रहा था, राइफल उसके हाथ में आ गई। उसे देख शायद वह इसे खिलौने की तरह पकड़ बैठा और उसी क्षण अनजाने में ट्रिगर दब गया.गोली ने सीधे ऋषभ के सिर को चीरते बाहर निकल गई. और उसकी मौके पर ही मौत हो गई
गोली की आवाज सुनते ही बदल गया माहौल
गोली की आवाज़ सुनकर नीचे घर में सारा माहौल बदल गया। लोग ऊपर भागे तो सामने एक खौफनाक मंजर था. ऋषभ जमीन पर पड़ा, सिर से खून बह रहा था, बाकी दो बच्चे स्तब्ध हो गए थे.हंसी छोड़ कर रोने और चीखने की आवाज़ ने शांत रात को पूरी तरह तोड़ दिया.
गार्ड पिता की लाइसेंसी राइफल से हादसा
घटना की जांच में पुलिस को पता चला कि नाबालिग का पिता प्राइवेट गार्ड हैं और उनके पास लाइसेंसी राइफल है।
उन्होंने सुबह राइफल घर पर ही रखी थी और गांव चले गए थे। रात में इसी दौरान हादसा हुआ।पुलिस ने राइफल बरामद कर ली है और नाबालिग के पिता को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है।
परिजनों का आरोप
ऋषभ के घर वाले अभी भी सदमे में हैं। उनका कहना है कि यह कोई भूल-चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अपराध है और वे इसे स्वीकार नहीं कर रहे।उनकी शिकायत में दावा है कि गोली किसी दूसरी राइफल से मारी गई और आरोपी भाग गया।पुलिस भी इस दावे की गंभीरता से जांच कर रही है।
मामले की जांच जारी
थाना प्रभारी दिनेश कुशवाह ने कहा कि शुरुआती जांच यही दिखा रही है कि यह एक हादसा लग रहा है, पर सभी बिंदुओं को देखा जा रहा है। आगे की सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी।
FAQ नेशन मिरर के सवाल
- क्या बच्चों के पास हथियार रखना सुरक्षित है?
- क्या राइफल का सुरक्षित भंडारण किया गया था?
- क्या माता-पिता बच्चों को संभावित खतरों के बारे में समझाते हैं?
