21 दिन में 91 मौतें, बिजली गिरने से बच्चे की जान गई, गंगा में बहा युवक
भारत के कई राज्यों में जुलाई का महीना प्राकृतिक आपदाओं की भेंट चढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई हिस्सों में मूसलधार बारिश, बाढ़ और बिजली गिरने से अब तक 91 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं और राहत कार्य तेजी से जारी है।
हिमाचल में 91 मौतें, 200 सड़कें बंद
20 जून को हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और तब से लेकर अब तक 21 दिनों में 91 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्राकृतिक आपदाओं की श्रृंखला में भूस्खलन, सड़क हादसे और बाढ़ प्रमुख हैं।
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मंडी जिले के सेराज घाटी में बादल फटने से कई घर बह गए और गाड़ियां मलबे में दब गईं।
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शिमला में ऊंचाई से पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात ठप हो गया।
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राज्य की 200 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
MP में बिजली ने ली 13 साल के बच्चे की जान
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक 13 वर्षीय बच्चा खेत में काम कर रहा था, तभी आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मंडला जिले में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 2 लोग लापता हैं।
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300 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और करीब 300 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
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सीधी में बीते 12 घंटे से तेज बारिश हो रही है, जिससे घरों में पानी भर गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
यूपी: गंगा में बहा युवक, NDRF ने बचाया
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई।
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चित्रकूट में दर्शन के लिए आया एक व्यक्ति मंदाकिनी नदी में बह गया, उसकी तलाश की जा रही है।
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वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर हर घंटे 2 सेमी बढ़ रहा है। एक व्यक्ति बह गया जिसे NDRF ने रेस्क्यू कर लिया।
राजस्थान: 27 जिलों में यलो अलर्ट, स्कूलों में पानी
राजस्थान में 11 जिलों में सुबह से ही तेज बारिश जारी है और 27 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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सीकर जिले में खंडेला नदी का पानी आबादी वाले इलाकों में घुस गया।
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कोठपुतली के एक सरकारी स्कूल में पानी भर गया। हालात इतने खराब थे कि बच्चों को पीठ पर उठाकर बाहर निकाला गया।
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सीकर में एक कार बारिश के पानी में डूब गई, पुलिस ने समय रहते लोगों को बचा लिया।
तस्वीरों में तबाही की कहानी
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शहडोल (MP): खेत में बिजली गिरने से बच्चे की मौत
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शिमला (HP): पेड़ उखड़कर सड़क पर गिरा
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मंडी (HP): बादल फटने से घर और गाड़ियां तबाह
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मंडला (MP): गांवों में बाढ़, घर खाली कराए गए
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सीकर (RJ): कार पानी में डूबी, बच्चों को रेस्क्यू किया गया
देश के सामने आपदा की चुनौती
बारिश और बाढ़ की यह तबाही मानव जीवन, आवास और बुनियादी ढांचे पर बड़ा संकट बनकर उभरी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बलों की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
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