मौत, तबाही और पलायन: वाराणसी में हर घंटे 1 सेमी बढ़ रही गंगा!
भारत में मानसून का तांडव जारी है। एक ओर बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 17 लोगों की जान चली गई, वहीं हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन ने अब तक 110 जिंदगियां लील ली हैं और ₹1200 करोड़ की सरकारी और निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल से लेकर राजस्थान तक कई राज्यों में जलप्रलय का माहौल है। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर हर घंटे 1 सेमी बढ़ रहा है। हिमाचल में NH-707 पर लैंडस्लाइड से आवाजाही बंद है, जबकि अमरनाथ यात्रा भूस्खलन के कारण एक दिन रोके जाने के बाद फिर शुरू कर दी गई है।
बिहार में बिजली गिरने से कहर
पिछले 24 घंटों में 17 मौतें सिर्फ बिजली गिरने से हुई हैं।
- नालंदा: 5
- वैशाली: 4
- बांका व पटना: 2-2
- अन्य जिलों: शेष मौतें
बिजली गिरने की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक दर्ज की गई हैं, जहां खेतों में काम कर रहे लोग चपेट में आए।
वाराणसी में हर घंटे बढ़ रहा जलस्तर, पलायन शुरू
वाराणसी में गंगा और वरुणा दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच रही हैं।
- नमो घाट डूबा
- 30,000 घरों ने पलायन की तैयारी शुरू की
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ राहत केंद्रों को सक्रिय किया है और नावें तैनात की जा रही हैं।
हिमाचल में भारी नुकसान: हर तरफ मलबा और बर्बादी
- 20 जून से अब तक 31 बार फ्लैश फ्लड, 22 बादल फटने की घटनाएं
- NH-707 पूरी तरह बंद, मलबा हटाना मुश्किल
- 170 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद
9 जिलों में बाढ़ की चेतावनी, खासकर सिरमौर, किन्नौर, मंडी, चंबा सबसे अधिक प्रभावित हैं।

अमरनाथ यात्रा फिर शुरू, सेना ने बचाए फंसे यात्री
- 16 जुलाई को बालटाल मार्ग पर लैंडस्लाइड के बाद यात्रा रोकी गई थी
- चिनार कॉर्प्स के जवानों ने बरारी मार्ग पर फंसे श्रद्धालुओं को निकाला
