monsoon arrival 2025 : बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह में मौसम हुआ मेहरबान
monsoon arrival 2025 : नई दिल्ली, 13 मई 2025 भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय से पहले आगमन की घोषणा कर दी है। यह मानसूनी प्रणाली दक्षिण बंगाल की खाड़ी, दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और उत्तर अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 13 मई 2025 को पहुंच चुकी है।
📌 मानसून की पुष्टि क्यों?
IMD ने मौसम के तीन महत्वपूर्ण संकेतों के आधार पर मानसून की पुष्टि की है:
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🌧️ लगातार भारी वर्षा:
निकोबार द्वीप समूह में पिछले दो दिनों से मध्यम से भारी वर्षा हो रही है, जो मानसूनी सिस्टम की सक्रियता दर्शाती है। -
💨 तेज पछुआ हवाएं:
समुद्र तल से 1.5 किमी और 4.5 किमी की ऊंचाई तक 20 समुद्री मील से अधिक की गति वाली पछुआ हवाएं लगातार चल रही हैं। -
☁️ OLR में गिरावट:
आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (OLR) में गिरावट स्पष्ट करती है कि आसमान में घने बादल हैं, जो एक सक्रिय मानसून का सूचक है।
🌍 किन क्षेत्रों में आया है मानसून?
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दक्षिण बंगाल की खाड़ी
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दक्षिण अंडमान सागर
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निकोबार द्वीप समूह
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उत्तर अंडमान सागर के कुछ हिस्से
यह क्षेत्र मानसून के प्रवेश द्वार के रूप में माने जाते हैं। आमतौर पर भारत में मानसून की शुरुआत अंडमान-निकोबार द्वीपों से ही होती है और फिर धीरे-धीरे मुख्यभूमि की ओर बढ़ता है।
🕐 क्या यह समय से पहले है?
जी हां। आमतौर पर मानसून 20 मई के बाद अंडमान-निकोबार पहुंचता है, लेकिन इस बार यह एक सप्ताह पहले ही 13 मई को पहुंच गया, जिससे संकेत मिलता है कि 2025 का मानसून सक्रिय और जल्दी हो सकता है।
🌧️ आने वाले दिनों में क्या उम्मीद करें?
IMD के अनुसार:
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दक्षिण और मध्य अंडमान सागर में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश जारी रह सकती है।
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दक्षिण भारत के कुछ तटीय राज्यों – जैसे केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक – में मानसून 20-25 मई के बीच दस्तक दे सकता है।
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मॉनसून की गति तेज रहने की उम्मीद है, जिससे यह केरल और पश्चिमी तट तक जल्दी पहुंच सकता है।
📈 मानसून क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत की लगभग 55% कृषि मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है। मानसून के समय से पहले आगमन से:
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🌾 किसानों को जल्दी बुआई का अवसर मिलेगा।
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⚡ बिजली उत्पादन में जलाशयों की भराव स्थिति बेहतर हो सकती है।
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🚜 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा।
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🏙️ शहरी क्षेत्रों में जल संकट से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
🔍 मानसून ट्रैकिंग के संकेत
| संकेत | स्थिति |
|---|---|
| वर्षा | ✔ लगातार दो दिनों से मध्यम से भारी |
| पछुआ हवाएं | ✔ 1.5-4.5 किमी ऊंचाई तक मजबूत |
| OLR | ✔ गिरावट दर्शाता है घने बादल |
| तापमान | ⬇ हल्की गिरावट दर्ज की गई |
| IMD पुष्टि | ✅ आधिकारिक घोषणा 13 मई को |
📢 विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
डॉ. मृत्युंजय महापात्रा, महानिदेशक (IMD):
“मानसून की सक्रियता इस साल जल्दी शुरू हुई है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून समय से पहले पहुंच सकता है। लेकिन हम इसकी पुष्टि आने वाले हफ्तों में करेंगे।”
🔔 क्या इस बार मानसून “सुपर एक्टिव” होगा?
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शुरुआती संकेत उत्साहजनक हैं।
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अंडमान-निकोबार में समय से पहले बारिश और हवाओं की गति इशारा करती है कि मानसून 2025 सामान्य या उससे बेहतर हो सकता है।
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अब नजरें केरल में मानसून की एंट्री पर हैं, जो कि पूरे भारत के लिए मानसून कैलेंडर तय करती है।
📌 आगामी अपडेट्स और सटीक बारिश की जानकारी के लिए जुड़े रहें IMD और मौसम विभाग की वेबसाइट्स से।
🛰️ IMD मॉनसून अपडेट्स
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