monsoon 2025 fury: हिमाचल में 17 दिन में 19 बादल फटने की घटनाएं
monsoon 2025 fury: 20 जून से 6 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश में मानसून की विभीषिका जारी रही। मात्र 17 दिनों में 19 बार बादल फटने की घटनाओं ने पूरे राज्य को हिला दिया है। इसी दौरान 23 बाढ़ और 19 लैंडस्लाइड्स की घटनाओं ने जान-माल की भारी क्षति पहुंचाई। इन प्राकृतिक तबाहियों के चलते अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं कई घायल हुए हैं और कई सड़कें बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश की भयावह तस्वीर
- बादल फटने से मंडी के थुनाग क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए। यहां भारी बारिश के दौरान कई घरों को नुकसान पहुंचा और 14 लोग मारे गए। 31 लोग लापता हैं, जिनकी खोज हेतु रेस्क्यू अभियान जारी है।
- राज्यव्यापी प्रभावित इलाकों में कुल 269 रास्ते बंद हुए हैं, जिससे बचाव व राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश में मॉनसून की तबाही
मध्य प्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से मानसून का ग्राफ बेहद ऊपर गया। शहडोल में पिछले 24 घंटों में चार इंच बारिश दर्ज की गई। आधी रात अचानक आई तेज बारिश से 3000 से अधिक मकानों में पानी घुस गया।
- रेलवे ट्रैक डूबने के चलते इक्के-दुक्के नहीं, बल्कि 4 घंटे तक रेल आवाजाही ठप रही।
- जबलपुर में बरगी डैम के नौ गेट खोलने पड़ गए, जिससे जल स्तर नियंत्रित करने की कवायद तेज हो गई।
गुजरात में नदियों का उफान
गुजरात के अहमदाबाद, सूरत व नवसारी क्षेत्रों में जोरदार बारिश ने भारी तबाही मचाई। नवसारी में पूर्णा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
- कई इलाकों में पानी 3–4 फुट तक भर गया है।
- अहमदाबाद व बनासकांठा की सड़कों पर जलजमाव ने यातायात तहस-नहस कर दिया।
- विशेषकर नवसारी में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

राजस्थान मानसून अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान में सोमवार से फिर मानसूनी रफ्तार तेज होने की चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल क्षेत्र में बन रहा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।
- रविवार को करौली में 30 mm, चूरू में 32.4 mm और बांसवाड़ा के अरथुवाना में 35 mm बारिश दर्ज की गई।
- जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर संभागों में हल्की धूप निकलने से तापमान में 2–5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई है।
- 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी, जिनमें दो जिलों के लिए ऑरेंज और 22 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित हुआ है। श्रीगंगानगर में दो मकानों की छत गिरने से एक बच्चे की मौत भी हुई।
छत्तीसगढ़ की बाढ़ स्थिति
सरगुजा संभाग मानसून की मार से बुरी तरह प्रभावित है।
- अंबिकापुर शहर में निचले इलाकों में पानी घुसने से कई घरों में पानी भर गया।
- कई कार तीन फुट तक पानी में डूब गई हैं।
- अंबिकापुर-राजपुर मुख्य मार्ग समेत नेशनल हाईवे 343 के पुलों पर भी बहाव तेज है, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुई है।
सभी राज्यों के लिए जरूरी सुझाव
- सुरक्षा अपनाएं – बाढ़वाटर में न जाएं, खासकर तेज बहते पानी से बचें।
- स्थानीय आदेशों का पालन – प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का ध्यानपूर्वक पालन करें।
- आपात क्रम में हेल्पलाइन – स्थानीय बचाव दल, पुलिस एवं पीढ़ी स्क्वॉड की मदद लें।
- नाव, रेस्क्यू किट तैयार रखें – अब जब मानसून चरम पर है, तो नाव और राहत सामग्री तैयार रखें।

मानसून 2025 देश के उत्तरांचल से लेकर दक्षिण-पश्चिम तक अपना जबरदस्त असर दिखा रहा है। हिमाचल से लेकर मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ और राजस्थान तक सभी राज्य अलर्ट मोड में हैं। लगातार हो रही बारिश, बाढ़, लैंडस्लाइड और मौजूदा मौसम सिस्टम से अप्रत्याशित खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
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