Momos Health News: भारत में फास्ट फूड के शौकीनों के बीच मोमोज आजकल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यह तिब्बत का फेमस फूड है, जो कि अब दिल्ली, मुंबई से लेकर भारत के कोने – कोने तक के लोग इसे खाना पसंद करते हैं। यह फास्ट फूड सड़क के किनारे से लेकर मॉल तक सभी जगह मिल जाता है। इसे आजकल के बच्चो और स्कूल – कॉलेज के स्टुडेंट को मोमोज खाना बहुत पसंद करते है, लेकिन क्या आप जानते है, इससे आपके स्वास्थ पर बुरा असर पड़ सकता है।
Momos Health News: क्या है मोमोज़?
तिब्बत और नेपाल की फेमस डिस में से एक है, जो आटे की एक पतली परत में सब्जियों, चिकन या मटन को भरकर भाप में पकाया जाता है। हालांकि अब इसके कई प्रकार जैसे तले हुए मोमोज़ (फ्राइड मोमोज़), तंदूरी मोमोज और चीज बर्स्ट मोमोज भी बाजार में उपलब्ध हैं।
स्वास्थ पर पड़ेगा बुरा असर..
मैदे का सेवन: पाचन तंत्र पर असर…
मोमोज की बाहरी परत सामान्यत मैदे से बनाई जाती है। मैदा यानी रिफाइंड फ्लोर, जिसे पचाना शरीर के लिए आसान नहीं होता। लगातार मैदे का सेवन करने से कब्ज, एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, मैदा शरीर में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को तेजी से बढ़ाता है, जो मधुमेह (डायबिटीज़) के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अस्वच्छता से भरपूर स्ट्रीट मोमोज..
अक्सर देखा गया है कि सड़कों पर बिकने वाले मोमोज साफ-सफाई से नहीं बनाए जाते। ऐसे स्टॉलों पर इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री, पानी और बर्तनों की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता। इससे फूड पॉयजनिंग, दस्त, उल्टी और पेट की अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

अजीनोमोटो का अत्यधिक उपयोग…
मोमोज के स्वाद को बढ़ाने के लिए कई दुकानदार मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) यानी अजीनोमोटो का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि FSSAI ने सीमित मात्रा में इसके उपयोग की अनुमति दी है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन सिरदर्द, चक्कर, थकान और यहां तक कि न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को जन्म दे सकता है।
तले हुए मोमोज और कोलेस्ट्रॉल…
जब मोमोज को तलकर परोसा जाता है, तो उसमें ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बढ़ जाती है। ये तत्व शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। लगातार तले हुए मोमोज का सेवन करने से मोटापा भी तेजी से बढ़ता है।
फिलिंग में प्रयोग होने वाला मांस..
नॉन-वेज मोमोज में इस्तेमाल किया जाने वाला मांस यदि सही ढंग से नहीं पकाया गया हो या ताजा न हो, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ऐसे मोमोज खाने से शरीर में संक्रमण का खतरा रहता है।

बच्चों और किशोरों पर असर…
मोमोज का सबसे ज्यादा क्रेज बच्चों और किशोरों के बीच है। स्कूल और कॉलेज के पास मिलने वाले सस्ते मोमोज बच्चों को आकर्षित करते हैं। यह आदत उनकी पाचन शक्ति को कमजोर कर सकती है। कई रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि मोमोज खाने के तुरंत बाद बच्चों में पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें बढ़ी हैं।
सरकार और प्रशासन की भूमिका..
FSSAI जैसे नियामक निकाय समय-समय पर स्ट्रीट फूड पर नियम लागू करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन सीमित होता है। सरकार को चाहिए कि वह खुले में बिकने वाले मोमोज की गुणवत्ता की जांच करे और स्वास्थ्य मानकों का सख्ती से पालन कराए।
