Mohan Sarkar’s 2 years were unmatched: 13 दिसंबर 2023 का वो दिन मध्यप्रदेश के लिए बेहद खास साबित हुआ.. जब उन्हे मुख्यमंत्री के रूप में डॉ मोहन यादव मिले.. और उस दिन के बाद से आज तक मध्यप्रदेश में हर बड़े बदलाव धरातर पर किए जा रहे है…
कई उपलब्धिया हासिल की
अब मोहन सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे है.. भाजपा ने इन दो सालों में कई उपलब्धिया हासिल की.. डबल इंजन की सरकार धरातल पर निरंतर काम कर रही है..
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री है..इन दो साल में विकास की रफ्तार ऐसी बढ़ी कि मध्य प्रदेश अब नए आयाम गढ़ रहा है।
मोहन सरकार ने फैसलों की नहीं, नतीजों की राजनीति की जनता को भरोसा, प्रदेश को दिशा मिली।बेमिसाल दो साल..किसान से युवा तक, हर वर्ग के लिए बदले हालात और बढ़ा विश्वास..
आईए जानते है प्रदेश में चल रही योजना और नीतियों के बारे में
मध्य प्रदेश

राज्य को देश का लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए फरवरी 2025 में लॉन्च की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना है.. ताकि समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले…
मध्य प्रदेश औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन योजना

राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, और रोजगार सृजन करने और बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए ये निती बनाई गई है…
मध्य प्रदेश MSME विकास नीति

MSME विकास नीति (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास नीति) का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता, बेहतर बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और बाजार तक पहुंच प्रदान करके सशक्त बनाना है, ताकि रोज़गार बढ़े.
Mohan Sarkar’s 2 years were unmatched: मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना

इस योजना का शुभारंभ 10 जून 2023 को किया गया था. इसके तहत 23 से 60 वर्ष की आयु की विवाहित महिलाओं को शुरू में 1,000 रुपये की सहायता दी गई,

हालांकि बाद में बढ़ाकर इसे 1,250 रुपये प्रति माह कर दिया गया. अब मोहन सरकार इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता राशि दे रही है..
औद्योगिक संवर्धन नीति 2025
राज्य में सतत और समावेशी औद्योगिक विकास, बड़े उद्योगों को आकर्षित करने, रोजगार सृजन और नवाचार पर केंद्रित है ताकि प्रदेश को प्रमुख औद्योगिक राज्य बनाया जा सके.
मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी

राज्य में चिप डिजाइन और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लाई गई है, जिसका लक्ष्य 5 सालों में ₹2,700 करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 14,000 से ज़्यादा नौकरियां पैदा करना है.
मध्यप्रदेश को 2023 में तीन नए जिलों का गठन किया गया:
पहला मऊगंज
दूसरा पांढुर्णा
तीसरा मैहर
Mohan Sarkar’s 2 years were unmatched: इन नए जिलों के जुड़ने के बाद, मध्य प्रदेश के जिलों की कुल संख्या 55 तक पहुंच गई ।
पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा कूनो नेशनल पार्क में 3 चीते और छोड़े गए है.. वहीं अब बात करते है मोहन सरकार में हुए मध्यप्रदेश के वाइल्ड लाइफ कल्चर की… तो मध्यप्रदेश के लिए 4 दिसंबर का दिन बेहद खास रहा.
खुले जंगल में 19 चीते हो गए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता वीरा और उसके 10 माह के 2 शावकों को बड़े बाड़े से निकालकर खुले जंगल में छोड़ा.
इस तरह अब मोहन सरकार के नेतृत्व और सफल प्रयास से कूनो के खुले जंगल में 19 चीते हो गए हैं..
इन दो सालों में प्रदेश ने न सिर्फ दिशा बदली, बल्कि विकास की रफ्तार को नया इंजन दिया। खेतों से लेकर शहरों तक, योजनाओं से लेकर नीतियों तक हर मोर्चे पर एक नई ऊर्जा दिखी।
और बदलते हुए मिजाज, बढ़ते हुए कदम भाजपा ने वित्तिय वर्ष 2023 और 24 को सुशासन को समर्पित किया. 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता मिली.
मुख्यमंत्री ने निवेश को लेकर जोर लगाया और प्रदेश के अलग अलग संभागों में इन्वेस्टर समिट रखा.
Mohan Sarkar’s 2 years were unmatched: निवेश के लिए विदेश भी गए और उसके बाद प्रदेश की राजधानी में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट रखा. और इसका उधघाटन खुद देश के प्रधानमंत्री मोदी ने किया.
इस समिट में 26 लाख 61 हजार के निवेश मिले
जिससे 17 लाख 34 हजार जॉब्स भी मिलेगी

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 और रीजनल समिट में मिले 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों में से 8.57 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर मोहन सरकार के नेत्रत्व में काम धरातल पर शुरू हो चुका है…

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई मिसाल पेश की जब उन्होंने अपने बेटे की शादी सामुहिक विवाह सम्मेलन में की.. ये ना केवल प्रदेश के लिए बल्की पूरे देश के लिए गौरव की बात है…
समानता का उदाहरण तो हो नहीं सकता

अपने बेटे का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में करके बड़ी लकीर खींच दी है। ड्राइवर का बेटा और मुख्यमंत्री का बेटा एक मंडप में फेरे ले रहे हैं, इससे ज्यादा समानता का उदाहरण तो हो नहीं सकता..
कर्मशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नेत्र्तव में भगवान श्री कृष्ण के कर्मयोग ज्ञान और भक्ती संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए… गीता महोत्सव का आयोजन किया गया..
गीता महोत्सव शामिल

मध्यप्रदेश में इन दो सालों में कई धर्मिक फैसले लिए.. जिसमें गीता महोत्सव शामिल है..
मध्य प्रदेश में गीता महोत्सव एक बड़ा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव है.. जो श्रीमद्भगवद्गीता के आदर्शों और शिक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है,
और अब तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन, भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भव्य आयोजन हो चुके है.. जिसमें 3 लाख लोगों ने एक साथ गीता पाठ किया..
ताकि समाज में ज्ञान, कर्तव्य और सकारात्मकता का संचार हो सके…

सांदीपनि स्कूल मध्य प्रदेश सरकार की सीएम राइज़ स्कूल योजना के तहत सरकारी स्कूलों का नया नाम है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के सम्मान में रखा गया है..
पारंपरिक भारतीय शिक्षा के आदर्शों को जोड़ना है
जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए है.. इस नामकरण का उद्देश्य अंग्रेजी नाम सीएम राइज़ स्कूल की औपनिवेशिक मानसिकता को बदलना और पारंपरिक भारतीय शिक्षा के आदर्शों को जोड़ना है,
क्योंकि सांदीपनि ऋषि ने श्रीकृष्ण को 64 कलाओं की शिक्षा दी थी और उनका आश्रम उज्जैन में था।
भाजपा ने दो साल पहले जो फैसला लिया आज वो धरातल पर पूरा हो रहा है.. और इसी के साथ, दो साल बदलाव के, निर्माण के और नए फैसलों के।
अगली मंजिल क्या होगी, वक्त बताएगा
जहां खेतों में बढ़ी उम्मीद, शहरों में तेज हुआ विकास, और नीतियों में दिखा नया विजन। अगली मंजिल क्या होगी, वक्त बताएगा…
