Mohan government is taking loan: मध्यप्रदेश के विकास के लिए शीतकालीन सत्र के दौरान दूसरा अनुपूरक बजट लेकर आ रही मोहन सरकार 3 हजार करोड़ के कर्ज के लिए ऑक्सन करेगी.. जिसका भुगतान कल सरकार को होगा..
बता दें की ब्याज का भुगतान हर छह माही में 3 जून और 3 दिसम्बर को किया जाएगा..
Mohan government is taking loan: वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार पहला कर्ज एक हजार करोड़ रुपए का होगा, जिसका ब्याज के साथ भुगतान सरकार आठ साल में करेगी..
इस कर्ज के बाद राज्य सरकार पर चालू वित्त वर्ष का कर्ज 49600 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
बता दें की दूसरा कर्ज 1 हजार करोड़ रुपए का लिया जा रहा है, जिसका भुगतान सरकार 13 साल में करेगी।इसके बाद तीसरा कर्ज भी एक हजार करोड़ रुपए का होगा, जिसका ब्याज के साथ भुगतान 23 साल की अवधि में सरकार करेगी।
इसके पहले 11 नवम्बर किए गए ऑक्सन
इसके पहले 11 नवम्बर को किए गए ऑक्सन के बाद सरकार ने 12 नवम्बर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक अन्य कर्ज लिया था।
कर्ज लेने की लिमिट बरकरार
सरकार कहती है की वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा..
इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है, जो भी कर्ज लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है।
मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज
11 नवम्बर को किए गए ऑक्सन के बाद सरकार ने 12 नवम्बर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक अन्य कर्ज लिया है। यह कर्ज 16 साल, 22 साल और 19 साल के लिए है।
भुगतान एक अक्टूबर को हुआ
जिसके बाद 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ के कर्ज लिया गया था.. और इसके बाद 30 सितम्बर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे, जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ।
18 साल और 21 साल की अवधि के
23 सितम्बर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।
नौ सितम्बर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे।
26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे।
23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था
5 अगस्त को 3 कर्ज लिया था, जिसका भुगतान 6 अगस्त को हुआ। इस में पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था।
दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था।
इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।
30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।
