Mohan Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बालाघाट जिले के विकास को लेकर अहम फैसले हुए, जहां कृषि कैबिनेट आयोजित करने और जू में घायल जानवरों के लिए रेस्क्यू सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया. और MP में तलाकशुदा बेटियों को पेंशन दी जाएगी. आइए जान लेते हैं कौन-कौन से फैसले लिए गए हैं.

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक संपन्न हो चुकी है। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विकास और आर्थिक सुधारों को देखते हुए कई फैसलों पर मुहर लगाई है।
किसानों को 2585 रुपये MSP
मंत्री चैतन्य कश्पय ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बालाघाट को हमारी सरकार ने नक्सल मुक्त कराया है। अगली कृषि कैबिनेट की बैठक बालाघाट में आयोजित की जाएगी। धान का समर्थन मूल्य प्रदेश में 51 लाख मेट्रिक टन से अधिक धान की उपार्जन हुई है। इसके लिए 1436 केंद्र स्थापित किए गए हैं। गेंहू का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जिसके रजिस्ट्रेशन सात फरवरी से शुरू हो चुका है।
प्रमुख नवीन प्रावधान अंतर्गत अभिदाता की मृत्यु की दशा में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। केन्द्र और मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जायेगा। निलम्बन अवधि में अभिदाता तथा नियोक्ता के अंशदान का प्रावधान किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत एवं स्पष्ट प्रक्रिया, अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवकों के लिए उपदान की पात्रता निर्धारण और भुगतान की सुस्पष्ट प्रक्रिया होगी। विभागीय जांच (सेवा निवृत्ति उपरांत) आदेश के संदर्भ में उपदान से वसूली संभव होगी। विभागीय जांच की अवधि में नियोक्ता के अंशदान का भुगतान रोका जाना, सेवानिवृत्ति के तीन माह पूर्व अभिदाता अंशदान रोका जाना और सेवानिवृत्ति उपरांत विभागीय जांच संस्थित किये जाने का प्रावधान के साथ नियमों के निवर्तन और शिथिलीकरण के संबंध में राज्य शासन की शक्ति के प्रावधान शामिल है।
Mohan Cabinet Meeting: प्रदेश में चीतों की संख्या 24 हुई
इस बार चीतों का परिवार करीब करीब हमारे बीच में दो श्रावकों का जन्म हुआ और उसी के साथ में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों का जन्म हुआ और अब मध्य प्रदेश में कुल चीते 24 हो गए हैं।चीतों की संख्या बढ़ना उसी के साथ में वन्य जीव के साथ में पर्यटन की वृद्धि हो क्योंकि मध्य प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र है और वन क्षेत्रों में पर्यटन की बहुत संभावना है और जिससे रोजगार की भी संभावना है । इंदौर के जू को एक सफेद टाइगर मिला है और इसके अलावा रीवा में भी हम लोग उसके लिए प्रयासरत हैं।
आईएमआर शिशु मृत्यु दर घटी
स्वास्थ्य का क्षेत्र जिसमें प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। इस वर्ष नेशनल हेल्थ के सर्वे के आंकड़े उनमें जो प्रदेश में मात्र मृत्यु दर एमएमआर 173 से घटकर 142 हुई है। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। 173 से 10,000 के ऊपर 173 मृत्यु होती है। वो 142 हुई है। और आईएमआर शिशु मृत्यु दर वह 41 से घटकर 37 हुई है। यह जो दो सूचकांक है यह विकास के सूचकांक के सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहते हैं। इनके माध्यम से ही प्रदेश की या देश की अह जो अह क्रेडिट रेटिंग या जो रेटिंग की जाती है।
19 मार्च से शुरू होगा विक्रमोत्सव
इसी के साथ गुड़ी पड़वा के दिन यानी 19 मार्च से विक्रमोत्सव भी प्रारंभ हो रहा है। गुड़ी पड़वा का त्यौहार बड़े अच्छे तरीके से मनाया क्योंकि संस्कृति के मामले में मुख्यमंत्री जी का हमेशा से एक आग्रह भी रहता है और उन्होंने हमारी संस्कृति और इसकी विरासत के से विकास की जो एक दिशा दी है तो उसी में गुड़ी पवा के पर्व को भी हर जगह के ऊपर बड़े अच्छे उत्साह के साथ में मनाने का निर्णय लिया है तथा जो कैबिनेट के निर्णय हुए हैं उनमें सबसे
Mohan Cabinet Meeting: न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई
पेंशन योजना का राज्य के कर्मचारियों के 2005 से जो नई पेंशन योजना लागू हुई थी उस योजना के बाद में विभिन्न सर्कुलर व अलग-अलग परिपत्रों के माध्यम से अभी पेंशन का निर्धारण होता था। तो हमारे कर्मचारियों को कई चीजों में स्पष्टता नहीं रहती थी। अभी इस बार पूरा का पूरा एक नियम 2026 बना दिया गया है जिसमें न्यू पेंशन स्कीम पूरी लागू की गई है और इसमें महत्वपूर्ण बिंदु है पारिवारिक पेंशन जो केंद्र सरकार द्वारा पारिवारिक पेंशन का प्रावधान जरूर था परंतु वह बहुत कम लोगों को मिल पाती है।
