Mohan Cabinet: मध्यप्रदेश में मोहन कैबिनेट की बैठक में विकास और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने दी. उन्होंने बताया कि रबी सीजन में वर्ष 2026-26 में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं पर 40 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस दिए जाने का फैसला लिया गया है. लोक निर्माण विभाग के लिए 4525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. वहीं, कैबिनेट ने पशुपालन विभाग के नाम को बदलने की मंजूरी दी है.

उज्जैन में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रदेश में कई विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इसमें उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 किलोमीटर के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए 945 करोड़ 20 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है.
Mohan Cabinet: किसान एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे
मध्य प्रदेश में सिंचाई का रकवा बढ़ाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार प्रयास कर रही है। और उसी के परिणाम स्वरुप रीवा स्थित बांणसागर बांध से ज्यादातर क्षेत्रों तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उसके बाद भी रीवा के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर पानी का संकट बना हुआ है और किसान एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।
37 गांवों की 7530 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी
Mohan Cabinet: अब राज्य सरकार ने उन किसानों की उम्मीद को पंख देने का काम किया है और उनके खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट में पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जो 228 करोड़ लागत वाली इस परियोजना होगी इससे रीवा जिले के पनवार क्षेत्र के 37 गांवों की 7530 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।इस सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने से उस क्षेत्र की लगभग 92 फीसदी कृषि भूमि सिंचित हो जाएगी, जिससे किसान समृद्ध होंगे और क्षेत्र में खुशहाली आएगी।
