Modi praises RSS: 15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पहली बार सार्वजनिक मंच पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की खुलकर तारीफ की। उन्होंने संगठन के 100 साल के सेवा कार्यों को देश और समाज के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए RSS को दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ भी कहा। पीएम मोदी ने कहा कि “आज सौ साल की राष्ट्र सेवा, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ लक्षावधी स्वयंसेवकों ने माँ भारती के कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया है।” यह प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का ऐसा पहलू था जिसे कांग्रेस ने तुरंत निशाने पर ले लिया।

Modi praises RSS: पीएम मोदी ने संघ के 100 साल को बताया गर्व का विषय
दरअसल, RSS का शताब्दी वर्ष चल रहा है और इस मौके को लेकर मोदी ने उसके संचालन, विचारधारा और योगदान की सराहना करते हुए ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। भारतीय राजनीति में यह असामान्य था कि कोई प्रधानमंत्री, खासकर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, सार्वजनिक रूप से आरएसएस की तारीफ करे।
विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी की तारीफ को व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ से जोड़कर देखा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी संघ प्रमुख मोहन भागवत की कृपा चाहते हैं ताकि वे 75 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी प्रधानमंत्री बने रह सकें। हाल ही में मोहन भागवत ने कहा था कि सार्वजनिक जीवन में लोगों को 75 साल की उम्र के बाद रिटायरमेंट के बारे में सोचना चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि मोदी, जिनका 17 सितंबर को 75वां जन्मदिन है, अब संघ की तारीफ कर ‘रिटायरमेंट रोकने’ का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस ने उठाया भागवत की कृपा का मुद्दा
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर कहा कि यह संघ को खुश करने की रणनीति है ताकि प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल, उम्र की सीमा पार करने के बावजूद, जारी रखने के लिए भागवत की कृपा मिल सके। कांग्रेस का यह भी कहना है कि देश की आजादी में संघ की कोई भूमिका नहीं थी और इसीलिए प्रधानमंत्री द्वारा संघ की तारीफ करना एक राजनीतिक कदम है।
पीएम मोदी के भाषण के बाद देशभर में राजनीति गरमा गई है। समर्थक इसे राष्ट्रवाद और सेवा की सराहना मान रहे हैं, वहीं विरोधी इसे मोदी की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और संघ के प्रति राजनीतिक आज्ञाकारिता का प्रतीक बता रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि पहली बार लाल किले से संघ की खुले मंच पर तारीफ न केवल भाजपा और संघ के लिए बड़ी पहचान है, बल्कि अगले चुनावी मौसम में भी इसे लेकर बयानबाजी तेज होने वाली है।
