Modi government Diwali bonus: मोदी सरकार ने त्योहारों के मौसम में देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। 24 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता से जुड़े बोनस की मंजूरी, बिहार में रेल और सड़क परियोजनाओं का विकास, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई योजनाएं शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि ये निर्णय देश की विकास यात्रा को गति देंगे और लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे। इस लेख में हम इन सभी फैसलों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें परियोजनाओं की लागत, कनेक्टिविटी और लाभ शामिल हैं।
त्योहारों पर खुशखबरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10.91 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के उत्पादकता से जुड़े बोनस (पीएलबी) की मंजूरी दी है। इस बोनस की कुल राशि 1,865.68 करोड़ रुपये है। प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जो उनके 78 दिनों की मजदूरी के बराबर है। यह बोनस रेलवे कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना में दिया जा रहा है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी और अन्य चुनौतियों के बावजूद रेल सेवाओं को सुचारू रूप से चलाया।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “रेलवे कर्मचारियों का योगदान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह बोनस उनके समर्पण का सम्मान है और त्योहारों से पहले उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।” वैष्णव ने जोर दिया कि रेलवे ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड माल ढुलाई और यात्री सेवाएं प्रदान कीं, जिसके कारण यह बोनस संभव हुआ। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। दशहरा और दिवाली के बीच यह घोषणा कर्मचारियों के लिए सच्चा तोहफा है, जो परिवारों के उत्सव को और खुशहाल बनाएगा।
Modi government Diwali bonus: बोनस के लाभ
यह बोनस 10.91 लाख कर्मचारियों को कवर करेगा, जिसमें ट्रैकमैन, ड्राइवर, गार्ड, स्टेशन मास्टर आदि शामिल हैं। भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाएगा, और यह कर मुक्त होगा। वैष्णव ने बताया कि रेलवे ने हमेशा कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता दी है, और यह बोनस उसी दिशा में एक कदम है। पिछले वर्षों में भी समान बोनस दिए गए थे, लेकिन इस वर्ष की राशि प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित की गई है।
बिहार में रेल परियोजना
मंत्रिमंडल ने बिहार में 104 किलोमीटर लंबी बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 2,192 करोड़ रुपये है। यह लाइन चार जिलों से गुजरती है और राजगीर (शांति स्तूप), नालंदा, पावापुरी जैसे प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगी। परियोजना से 1,434 गांवों और लगभग 13.46 लाख लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके अलावा, गया और नवादा जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जो क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा,
यह परियोजना बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी, माल ढुलाई सुगम होगी और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।” उन्होंने जोड़ा कि मोदी सरकार ने बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है, और यह परियोजना चुनावी राज्य में विकास की प्रतिबद्धता दर्शाती है। परियोजना के पूरा होने से यात्रा समय कम होगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
परियोजना के लाभ और समयसीमा
यह दोहरीकरण परियोजना से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, जो वर्तमान सिंगल लाइन की वजह से सीमित है। लाभार्थियों में किसान, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। वैष्णव ने बताया कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, और यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम है।
Modi government Diwali bonus: बिहार में हाईवे का निर्माण
रेल परियोजना के साथ ही मंत्रिमंडल ने बिहार में एक प्रमुख सड़क परियोजना को भी हरी झंडी दी। यह फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड मोकारमा-मुंगेर सेक्शन है, जो बक्सर-भागलपुर नेशनल हाईवे का हिस्सा है। कुल रेल और सड़क परियोजनाओं की लागत 7,616 करोड़ रुपये है, जिसमें सड़क परियोजना की लागत लगभग 5,424 करोड़ रुपये है (रेल परियोजना की 2,192 करोड़ घटाकर)। यह हाईवे साहेबगंज-अरेराज को भी जोड़ेगा, जिससे बिहार के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कनेक्टिविटी सुधरेगी।
वैष्णव ने कहा,
यह सड़क परियोजना बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, क्योंकि इससे व्यापार और परिवहन आसान होगा।” परियोजना से गंगा नदी पर नया पुल भी बनेगा, जो क्षेत्र को जोड़ेगा। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और विकास की गति बढ़ेगी।

सड़क परियोजना के प्रभाव
यह हाईवे पर्यावरण अनुकूल होगा और ट्रैफिक जाम कम करेगा। वैष्णव ने जोर दिया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर 95,000 करोड़ रुपये के कुल प्रोजेक्ट्स मंजूर कर रही है, जिसमें बिहार का हिस्सा महत्वपूर्ण है।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 15,034.5 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों का विस्तार शामिल है। वैष्णव ने कहा, “यह योजना देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करेगी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी।”
विग्यान धारा और आरडीआई योजना
Modi government Diwali bonus: विज्ञान एवं अनुसंधान के लिए विग्यान धारा योजना को मंजूरी दी गई, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तीन योजनाओं को एकीकृत करेगी। इसके अलावा, रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) योजना के लिए 1 ट्रिलियन रुपये का प्रावधान है। वैष्णव ने कहा, “ये योजनाएं भारत को नवाचार का केंद्र बनाएंगी।”
