मोदी जर्मन चांसलर वार्ता: सोमवार की सुबह अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में कुछ खास थी. शांति, सादगी और संवाद तीनों एक साथ नजर आए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आश्रम परिसर पहुंचे। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और चरखे के सूत के साथ गांधी की विचारधारा को श्रद्धांजलि दी।
मोदी जर्मन चांसलर वार्ता: साबरमती में शांति और संवाद का संदेश
साबरमती आश्रम के भ्रमण के बाद चांसलर मर्ज ने विजिटर बुक में जो शब्द लिखे, वे सिर्फ औपचारिक टिप्पणी नहीं थे, बल्कि मौजूदा वैश्विक हालात में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हैं. उन्होंने लिखा कि अहिंसा, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा में गांधी का विश्वास आज भी दुनिया को रास्ता दिखा सकता है। उनके अनुसार, न्याय और संवाद को बढ़ावा देने वाली यह सोच आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है.
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मोदी जर्मन चांसलर वार्ता: साथ में उड़ाई पतंग
आश्रम के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का रंग-बिरंगा माहौल था। सात दिन तक चलने वाले इस उत्सव में पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने साथ मिलकर पतंग उड़ाई। यह दृश्य केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत-जर्मनी संबंधों में आत्मीयता और अनौपचारिक जुड़ाव का प्रतीक भी बना।
गांधीनगर में अहम बैठक
पतंग महोत्सव के बाद प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के पुराने हाईकोर्ट स्टेशन से गांधीनगर के महात्मा मंदिर तक मेट्रो से रवाना हुए। यहीं पर मोदी और मर्ज के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई, जिसमें भारत-जर्मनी के रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर चर्चा होनी है. गुजरात दौरे का यह तीसरा और अंतिम दिन है, लेकिन इसकी राजनीतिक और कूटनीतिक गूंज दूर तक जाने वाली है।
